पटना: अर्नब तुफान के कारण बिहार में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं झमाझम तो कहीं हल्की बारिश और तेज हवाओं ने फसलो को काफई नुकसान पहुंचाया है। हालांकि अब तूफान का असर धीर-धीरे कमजोर पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भी पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, सीवन समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
मुजफ्फरपुर में छाए हुए बादल
मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। नमी का स्तर 93 प्रतिशत और वायुमंडलीय दबाव 1016 पर दर्ज किया गया है। तापमान 21 से 24 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। विभाग का कहना है कि रविवार 1 नवंबर को भी मौसम बिगड़ा रहेगा, लेकिन 2 नवंबर से मौसम सामान्य होने की उम्मीद है। लोगों को ठंड से बचने के लिए सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
पटना में बढ़ी ठंड
पटना में पिछले 36 घंटों में 32 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। अधिकतम तापमान में 4 से 10 डिग्री तक की गिरावट आई है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया है। राजधानी में शुक्रवार को बाजारों में सन्नाटा रहा और जगह-जगह जलजमाव से जाम की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने दोपहर तक सतर्क रहने की अपील की है।
अचानक मौसम बदलने से बीमारियां भी बढ़ गई हैं। ठंडी हवा और बारिश में भीगने से सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़े हैं। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स पटना में पिछले दो दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या में 50 से 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।
किसानों की चिंता बढ़ी
स्वाति नक्षत्र में हो रही यह बारिश धान की फसल के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हथिया नक्षत्र तक की बारिश फायदेमंद होती है, क्योंकि तब धान में दाने बनते हैं और पानी की जरूरत होती है। लेकिन स्वाति नक्षत्र में बाली आ जाती है और कई जगह 130 दिनों वाली फसल की कटनी शुरू हो जाती है। 150 से 155 दिन वाली नाटी मंसूरी धान की बाली पकने लगती है। इस समय तेज हवा के साथ बारिश से फसल गिर जाती है, दाने काले पड़ जाते हैं और चावल का स्वाद बिगड़ जाता है, जिससे बाजार में कीमल भी कम मिलती है।












