पंजाब में नाहर ग्रुप लगाएगा 1,500 करोड़ रुपये, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और डेटा सेंटर में होगा विस्तार

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CM Bhagwant Mann

पंजाब में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नाहर ग्रुप ने 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल टेक्सटाइल उद्योग की मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण, रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में विस्तार और मोहाली में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए करेगी। इस निवेश को राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और तकनीकी बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

नाहर ग्रुप के चेयरमैन कमल ओसवाल ने प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 के समापन दिवस पर निवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय समिट ने पंजाब में उद्योगों के विकास, निवेश और कारोबारी अवसरों को लेकर सकारात्मक संभावनाएं सामने रखी हैं। उनके अनुसार, समिट के दौरान देश के कई प्रमुख औद्योगिक समूहों ने पंजाब में निवेश करने में रुचि दिखाई है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा कारोबार का विस्तार करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

टेक्सटाइल इकाइयों के आधुनिकीकरण पर जोर

नाहर ग्रुप के निवेश का एक प्रमुख हिस्सा टेक्सटाइल क्षेत्र की मौजूदा इकाइयों को आधुनिक बनाने पर खर्च किया जाएगा। आधुनिकीकरण के तहत उत्पादन से जुड़ी मशीनरी और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा सकता है। इससे उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और प्रतिस्पर्धा में सुधार की संभावना रहती है। टेक्सटाइल उद्योग पंजाब के औद्योगिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इस क्षेत्र में निवेश से इससे जुड़े आपूर्तिकर्ताओं और अन्य कारोबारों को भी अवसर मिल सकते हैं।

रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की योजना

कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में भी विस्तार करेगी। नवीकरणीय ऊर्जा में सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोत शामिल हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए किया जाता है। इस क्षेत्र में निवेश से ऊर्जा उत्पादन और संबंधित औद्योगिक गतिविधियों के विकास की संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि, कंपनी ने निवेश के इस हिस्से का अलग-अलग वित्तीय ब्योरा या विशिष्ट परियोजनाओं की समयसीमा सार्वजनिक नहीं की है।

मोहाली में स्थापित होगा डेटा सेंटर

इस निवेश योजना का तीसरा महत्वपूर्ण हिस्सा मोहाली में डेटा सेंटर स्थापित करना है। डेटा सेंटर ऐसे विशेष परिसर होते हैं, जहां कंप्यूटर सर्वर और नेटवर्किंग उपकरणों के जरिए डिजिटल जानकारी को सुरक्षित रखने, संसाधित करने और उपलब्ध कराने का काम किया जाता है। डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती जरूरतों के बीच डेटा सेंटर आधुनिक तकनीकी ढांचे का अहम हिस्सा बन गए हैं।

मोहाली में प्रस्तावित परियोजना से पंजाब में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की संभावना है। इससे तकनीकी सेवाओं और संबंधित कारोबारों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, डेटा सेंटर की क्षमता, निर्माण शुरू होने की तारीख और इससे पैदा होने वाले रोजगार की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

पंजाब में निवेशकों का भरोसा बढ़ने का दावा

कमल ओसवाल ने कहा कि एक समय पंजाब में औद्योगिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई थी और कई कारोबारी दूसरे राज्यों में निवेश के विकल्प तलाश रहे थे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में उद्योग अनुकूल माहौल तैयार करने के प्रयासों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। ओसवाल के मुताबिक, उद्योगों के विस्तार के लिए सरकारी सहयोग और अनुकूल कारोबारी वातावरण महत्वपूर्ण हैं।

समिट के दौरान अरिसुदाना इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक गगन खन्ना ने भी उद्योग जगत को सहयोग देने के लिए पंजाब सरकार का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियां आने वाले समय में और बढ़ेंगी।

नाहर ग्रुप का 1,500 करोड़ रुपये का निवेश टेक्सटाइल, ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल करता है। इससे पंजाब में औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, निवेश की वास्तविक प्रगति और रोजगार पर इसका प्रभाव संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा उनकी समयसीमा पर निर्भर करेगा।

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