नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने खिताब बचाने के अभियान का शानदार आगाज किया है। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 13-0 से करारी शिकस्त दी। घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और विपक्षी टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
भारत की बड़ी जीत में मंदीप सिंह का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। उन्होंने तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए। इनके अलावा अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, जुगराज सिंह और नीलकांत शर्मा ने एक-एक गोल किया। बांग्लादेश की टीम ने कुछ मौकों पर जवाबी हमले करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर के सामने उसकी एक नहीं चली। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में दबदबा बनाए रखा और गोल करने के लगातार मौके बनाए।
नीलकांत शर्मा ने किया संन्यास का ऐलान
मैच के बाद भारतीय मिडफील्डर नीलकांत शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मौजूदा टूर्नामेंट के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो जाएगा। मणिपुर के रहने वाले नीलकांत पिछले करीब एक दशक से भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। वह टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल थे। इसके अलावा, जापान के आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे, जिसने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई किया।
मलेशिया और जापान ने भी दर्ज की जीत
टूर्नामेंट के अन्य मुकाबलों में मलेशिया ने चीन को 5-4 से हराया, जबकि जापान ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 3-2 से जीत हासिल की। भारत का अगला मुकाबला 29 अक्टूबर को चीन से होगा। टूर्नामेंट के लीग मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेले जाएंगे। इसके बाद मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे। सेमीफाइनल 4 नवंबर और कांस्य पदक तथा स्वर्ण पदक के मुकाबले 5 नवंबर को खेले जाएंगे।
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी
इस टूर्नामेंट में भारत, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा ले रही हैं। पाकिस्तान के हटने के बाद बांग्लादेश को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। पांच बार की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी विजेता भारतीय टीम इस बार भी खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।
पंजाब में इस बड़े टूर्नामेंट का आयोजन खास महत्व रखता है। राज्य को भारतीय हॉकी की नर्सरी माना जाता है और यहां से कई दिग्गज खिलाड़ी निकले हैं। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की वापसी से स्थानीय प्रशंसकों को अपनी पसंदीदा टीमों को करीब से देखने का मौका मिल रहा है।











