पटना: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए चुनाव के अंतिम मतदान आंकड़ों ने सभी को हैरान कर दिया है। शुक्रवार को शाम 4 बजे तक जारी आंकड़ों की तुलना में अंतिम वोटिंग प्रतिशत में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। स्नातक कोटे की सीटों पर करीब 10 प्रतिशत और शिक्षक कोटे की सीटों पर लगभग 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे बड़ा बदलाव पटना स्नातक सीट पर हुआ है, जहां मतदान 21 प्रतिशत तक बढ़ गया।
पटना स्नातक सीट पर सबसे बड़ा उछाल
अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, पटना स्नातक में 57.56 प्रतिशत, तिरहुत में 48.51 प्रतिशत, दरभंगा में 54.73 प्रतिशत और कोसी में 54.73 प्रतिशत मतदान हुआ। चारों स्नातक सीटों का कुल मतदान 53.42 प्रतिशत रहा। जबकि शाम 4 बजे तक पटना में सिर्फ 36.19 प्रतिशत, तिरहुत में 42.15 प्रतिशत, दरभंगा में 42 प्रतिशत और कोसी में 52.51 प्रतिशत वोट ही पड़े थे। यानी पटना में सबसे ज्यादा करीब 21 प्रतिशत, दरभंगा में 14 प्रतिशत, तिरहुत में 6 प्रतिशत और कोसी में 2 प्रतिशत का इजाफा हुआ। पटना जो शाम 4 बजे तक सबसे पीछे था, अंतिम आंकड़ों में सबसे आगे निकल गया।
शिक्षक कोटे में भी बढ़ी वोटिंग
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी यही ट्रेंड रहा। अंतिम आंकड़ों में पटना शिक्षक में 74.75 प्रतिशत, सारण में 89.05 प्रतिशत, तिरहुत में 82.99 प्रतिशत और दरभंगा में 85.87 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल औसत 82.85 प्रतिशत रहा। शाम 4 बजे तक पटना शिक्षक में 56.89 प्रतिशत, सारण में 87.16 प्रतिशत, तिरहुत में 78.10 प्रतिशत और दरभंगा में 79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। यानी पटना शिक्षक में 18 प्रतिशत, दरभंगा में 6 प्रतिशत, तिरहुत में 4 प्रतिशत और सारण में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
अंत में क्यों बढ़ा इतना मतदान?
चुनाव आयोग ने पहले ही कहा था कि अंतिम आंकड़े बाद में आएंगे। इसकी वजह है कि शाम 4 बजे तक जो वोटर लाइन में लगे थे, उन्हें वोट डालने दिया गया। माना जा रहा है कि पटना स्नातक सीट पर आखिरी समय में बड़ी संख्या में वोटर बूथों पर पहुंचे। बता दें कि पटना स्नातक सीट इस बार हॉट सीट बनी हुई है, जहां JDU के नीरज कुमार को हराने के लिए JDU विधायक अनंत सिंह ने ही बगावत कर जन सुराज के अनुज सिंह के लिए प्रचार किया। इन 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी और नतीजे 27 अक्टूबर को आएंगे।












