नई दिल्ली: ताइवान के पास आए टाइफून चांपी ने शनिवार तड़के जमकर तबाही मचाई। तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हो गए। तूफान के असर से कई इलाकों में पेड़ गिर गए और हजारों घरों की बिजली गुल हो गई। उड़ानों पर भी इसका असर देखने को मिला। हालांकि, अब तूफान की ताकत कमजोर पड़ रही है और यह चीन के तट की ओर बढ़ रहा है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाइफून चांपी के केंद्र के पास हवा की रफ्तार अब भी करीब 126 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई थी। शनिवार को यह ताइवान के उत्तर-पूर्वी तट के करीब से गुजरा। इसके बाद तूफान द्वीप से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व में पहुंच गया। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, यह आगे उत्तर की ओर बढ़ते हुए चीनी तट की दिशा में मुड़ेगा। इसके बाद इसके दक्षिणी जापान की ओर जाने की संभावना है।
समुद्र में उठीं ऊंची लहरें, एक की मौत
टाइफून के करीब आते ही ताइवान के तटीय इलाकों में समुद्र का मिजाज बिगड़ गया। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में विशाल लहरें तट से टकराती दिखाई दीं। तेज हवाओं और भारी बारिश ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी। ताइवान के अग्निशमन विभाग के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक एक व्यक्ति की मौत हुई है। लियुकियू द्वीप पर एक व्यक्ति समुद्र की तेज लहरों में बह गया था। वहीं, तूफान से जुड़ी घटनाओं में 527 लोग घायल हुए हैं। राजधानी ताइपे में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिला। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश और आंधी के कारण लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
1.67 लाख से ज्यादा घरों की बिजली गुल
टाइफून चांपी के कारण ताइवान में बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। सरकारी बिजली कंपनी ताईपावर (Taipower) ने बताया कि एक समय पर 1 लाख 67 हजार से अधिक घरों में बिजली चली गई थी। हालांकि, बिजली विभाग ने तेजी से काम करते हुए ज्यादातर प्रभावित घरों में आपूर्ति बहाल कर दी। तेज हवाओं के कारण पेड़ों के गिरने और अन्य नुकसान से स्थानीय लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
242 उड़ानें रद्द, परिवहन सेवाओं पर असर
टाइफून का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। ताइवान के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को कुल 242 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, यह संख्या शुक्रवार के मुकाबले काफी कम रही। शुक्रवार को तूफान के प्रभाव के कारण करीब 1,000 उड़ानें रद्द की गई थीं। तूफान कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन तेज हवाओं के बने रहने से खतरा पूरी तरह टला नहीं है। इसके अगले पड़ाव चीन के तटीय इलाके और फिर दक्षिणी जापान हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले समय में इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।












