म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में बड़ा अपडेट, अमेरिकी नागरिक वैनडाइक समेत 7 विदेशियों को मिली राहत

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नई दिल्ली: म्यांमार में जातीय हथियारबंद समूहों को हथियार और ड्रोन-वॉरफेयर ट्रेनिंग देने के आरोपों वाले मामले में अदालत का एक और फैसला चर्चा में है। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को सुनवाई में शामिल होने के लिए भारत लौटने के बाद अमेरिका जाने की इजाजत दे दी है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, कोर्ट ने छह यूक्रेनी नागरिकों को भी 24 फरवरी की अगली सुनवाई तक भारत से बाहर रहने की अनुमति बढ़ा दी है। इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

वैनडाइक को 18 सितंबर को राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने डिफ़ॉल्ट बेल दी थी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह 24 सितंबर को तिहाड़ जेल से बाहर आया। इसके बाद कोर्ट ने वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को परिवारों से मिलने के लिए एक महीने के लिए अपने-अपने देश जाने की इजाजत दी थी। अब नए आदेश में छह यूक्रेनी नागरिकों को 24 फरवरी तक भारत से बाहर रहने की छूट दी गई है। यानी अगली सुनवाई की तारीख तक उन्हें भारत लौटने की जरूरत नहीं होगी। वहीं वैनडाइक के लिए शर्त यह है कि उसे सुनवाई में शामिल होने के लिए भारत आना होगा।

क्या है पूरा मामला

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मार्च 2026 में वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि ये विदेशी नागरिक मिजोरम के रास्ते म्यांमार में घुसे और वहां जातीय हथियारबंद समूहों के लिए पहले से तय ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल हुए। कथित ट्रेनिंग में ड्रोन ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग तकनीक शामिल थी। अपनी चार्जशीट में NIA ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के प्रावधान लगाए, लेकिन गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोप शामिल नहीं किए। एजेंसी का कहना है कि कथित आतंकी एंगल की जांच अभी जारी है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कोर्ट के पहले के फैसले, जिसमें वैनडाइक को अमेरिका जाने की अनुमति मिली थी, की कांग्रेस ने आलोचना की थी। पार्टी नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या वॉशिंगटन के दबाव ने सरकार के मामले को संभालने के तरीके पर असर डाला। उन्होंने यह भी पूछा कि चार्जशीट में UAPA के प्रावधान क्यों नहीं जोड़े गए।

इसके अलावा कांग्रेस ने उन हालात पर भी चिंता जताई, जिनमें विदेशी नागरिक भारत आए और यहां से म्यांमार गए। पार्टी ने बाहरी दबाव के आरोप लगाए थे। फिलहाल इन आरोपों पर सरकार की कोई प्रतिक्रिया इस खबर में दर्ज नहीं है। मामले में NIA की जांच जारी है और आने वाली सुनवाइयों में तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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