नई दिल्ली: यमन के तट के पास एक नौका पर सवार 14 भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को बताया कि वह इस घटना की जानकारी जुटा रहा है और इसके लिए उसने कई पक्षों से संपर्क किया है। फिलहाल घटना की सटीक जानकारी सामने नहीं आई है, इसलिए परिवारों और अधिकारियों, दोनों की नजर आधिकारिक अपडेट पर टिकी है।
अरब के कुछ मीडिया संस्थानों ने गुरुवार को यमन के हूती विद्रोही बल के प्रवक्ता याह्या सरी के हवाले से दावा किया कि सऊदी अरब के बलों ने लाल सागर में यमन के तट के पास यूकर द्वीप के नजदीक एक भारतीय नौका को निशाना बनाया। सरी के अनुसार, नौका पर 14 भारतीय नागरिक सवार हैं और हूती बल उन्हें बचाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बारे में और जानकारी बाद में दी जाएगी। यह दावा हूती पक्ष का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इसे अंतिम सच मानना जल्दबाजी होगी।
भारतीय दूतावास ने क्या कहा
शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट में दूतावास ने कहा कि वह 22 अक्टूबर को यमन के तट के पास हुई घटना के बारे में और जानकारी जुटाने के प्रयास जारी रखे हुए है। दूतावास के मुताबिक, क्षेत्र में मौजूदा संघर्ष की स्थिति के कारण फिलहाल सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उसने बताया कि घटना की परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाने के लिए विभिन्न पक्षों से संपर्क किया गया है। दूतावास को उम्मीद है कि प्रामाणिक जानकारी मिलते ही वह आगे की जानकारी साझा करेगा। गुरुवार को भी दूतावास ने कहा था कि वह इस घटना की जानकारी जुटा रहा है। तब उसने यह भी भरोसा दिलाया था कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। यानी दूतावास दो दिन से लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
बढ़ते संघर्ष के बीच हुई घटना
यह घटना ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच हुई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ऐसे माहौल में सही जानकारी जुटाना और भी मुश्किल हो जाता है। इसी बीच बुधवार को सऊदी अरब के एक प्रमुख हवाई अड्डे और तेल क्षेत्र पर हुए दो अलग-अलग हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। इससे इलाके में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल नौका पर सवार भारतीयों की स्थिति और घटना की असली वजह साफ नहीं है। आधिकारिक जानकारी का इंतजार है, और जैसे ही दूतावास को प्रामाणिक सूचना मिलेगी, आगे की तस्वीर साफ हो सकेगी।












