नई दिल्ली: फिल्मी पटकथा की तरह चोरी की वारदात पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस से बचने के लिए दिल्ली से उत्तराखंड तक भागने की कोशिश। लेकिन कानून के लंबे हाथों से बचना आसान नहीं रहा। दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिले की वजीराबाद थाना पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की कड़ियां जोड़ते हुए दो कथित सेंधमारों को गिरफ्तार कर चोरी के दो मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनके घरों से सोने-चांदी के आभूषण, 42,670 रुपये नकद, सेंधमारी के औजार और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी सहित कई अहम सबूत बरामद किए हैं।
सैकड़ों कैमरे खंगाले, ऋषिकेश में जाकर खत्म हुई तलाश
उत्तरी जिला डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि 10 अक्टूबर को वजीराबाद निवासी संजीव भौमिक के घर से अज्ञात चोर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए थे। शिकायत पर वजीराबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संगम विहार पुलिस चौकी के प्रभारी उपनिरीक्षक नवीन सिंधु के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो दो संदिग्ध सफेद स्कूटी पर आते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने संभावित रास्तों पर लगे सैकड़ों कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। लगातार पीछा करते हुए जांच की कड़ियां भजनपुरा तक पहुंचीं और संदिग्धों की पहचान सामने आई।
तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवपुरी इलाके से समीर उर्फ सद्दाम (23) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसके साथी मुज्जमिल उर्फ मोनू (26) निवासी भजनपुरा दिल्ली को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
चोरी की स्कूटी, फर्जी नंबर प्लेट और सुनसान गलियां
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे कम आवाजाही वाले इलाकों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करते थे जहां चोरी करना आसान हो। वारदात के लिए चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस से बचने और पहचान छिपाने के लिए स्कूटी की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी गई थी। चोरी के बाद आभूषण और अन्य सामान अपने घरों में छिपाकर रखते थे। जांच के दौरान आरोपियों ने हारदेव नगर इलाके में एक अन्य घर से आभूषण चोरी करने की वारदात में भी कथित संलिप्तता बताई। इस मामले में वजीराबाद थाने में ई-प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस तरह पुलिस ने चोरी के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है।
सोना गलाने का उपकरण भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के घरों से एक सोने की चेन, मंगलसूत्र, पांच अंगूठियां, सोने के दो जोड़ी झुमके, चांदी की दो चेन, चार जोड़ी चुटकी, चांदी का चम्मच, दो सिक्के, कमरबंद, सिंदूरदानी और चूड़ियों का एक जोड़ा बरामद किया। इसके अलावा 42,670 रुपये नकद, महिला का पर्स, सेंधमारी के औजार, शिकायतकर्ता के घर का टूटा ताला, सोना गलाने वाला गैस बर्नर, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, स्कूटी और वारदात के समय पहने जाने वाले बताए गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक नवीन सिंधु (प्रभारी, पुलिस चौकी संगम विहार), सहायक उपनिरीक्षक अनिल, हेड कांस्टेबल दीपक, संदीप, रोहताश और अंकित बैन्सला, कांस्टेबल आशुतोष और नीरज तथा महिला कांस्टेबल अनुपमा शामिल रहे। पूरी कार्रवाई थाना वजीराबाद के प्रभारी निरीक्षक प्रशांत आनंद की देखरेख और सहायक पुलिस आयुक्त बुराड़ी शशिकांत गौड़ के मार्गदर्शन में की गई।डीसीपी ने कहा तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी के समन्वय से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।












