नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में यमुना की सफाई और पर्यावरण सुधार को लेकर केंद्र तथा दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेते हुए मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के जरिए यमुना में गिरने वाले गंदे पानी पर रोक लगाने, सीवर व्यवस्था मजबूत करने और जल शोधन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
10 योजनाओं का लोकार्पण, 33 परियोजनाओं की शुरुआत
अमित शाह ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए शुरू की गई परियोजनाएं राजधानी के पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी। कार्यक्रम के दौरान 10 योजनाओं का लोकार्पण और 33 योजनाओं की शुरुआत की गई। इन पर कुल 8,941 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजनाओं में सीवेज शोधन संयंत्रों का उन्नयन, नए संयंत्रों की स्थापना, पंपिंग केंद्रों का निर्माण, सीवर लाइनों को घरों से जोड़ना, पुरानी सीवर व्यवस्था का सुधार और जल निकासी से संबंधित कार्य शामिल हैं। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल यमुना की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के प्रत्येक घर तक सीवर कनेक्शन और स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुंचाना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर यमुना को निर्मल बनाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
तीन दशक की गंदगी पर प्रहार, 2029 तक सफाई का लक्ष्य
अमित शाह ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्षों तक दिल्ली का गंदा पानी और डेयरियों से निकलने वाला गोबर यमुना में पहुंचता रहा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने मिलकर नदी को स्वच्छ बनाने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जीवनरेखा मानी जाने वाली यमुना को प्रदूषण से मुक्त करना सरकार का दृढ़ संकल्प है। उनका कहना था कि ऐसी दिल्ली बनाने का लक्ष्य है, जहां स्वच्छ पानी मिले, गलियां साफ रहें, कूड़े के पहाड़ समाप्त हों और यमुना की निर्मल धारा दिल्ली से आगे संगम तक लोगों को लाभ पहुंचाए।
कूड़े के पहाड़ों पर भी सरकार का बड़ा दावा
राजधानी में कचरे के निस्तारण को लेकर अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने केंद्र के सहयोग से 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया है और लगभग 100 एकड़ भूमि को कचरे से मुक्त कराया है। उनके अनुसार, ओखला और भलस्वा में कूड़े के पहाड़ों की ऊंचाई 30 से 40 मीटर तक, जबकि गाजीपुर में 10 से 15 मीटर तक कम हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना इन स्थानों को भविष्य में हरित क्षेत्रों और बगीचों के रूप में विकसित करने की है। अमित शाह ने असिता ईस्ट, बांसेरा और वासुदेव घाट जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
चुनावी राजनीति पर विपक्ष को घेरा
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने विपक्षी दलों की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष कभी इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों, कभी मतदाता सूची और कभी चुनाव आयोग पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अपने पक्ष में आने पर संस्थाओं को सही और हारने पर गलत बताना दोहरे मापदंड का उदाहरण है। गृह मंत्री ने दावा किया कि विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाकर घुसपैठियों के मताधिकार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब नकारात्मक राजनीति को समझ चुकी है और केवल विरोध प्रदर्शन करके जनादेश को चुनौती नहीं दी जा सकती।
विकास और परिणाम से ही जनता का विश्वास
अमित शाह ने कहा कि जनता का विश्वास हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों को लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझनी चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रधानमंत्री नर…
Reported By: Pankaj Rai












