
नई दिल्ली: जिस पंडाल को कुछ दिन पहले ही सरकार से "बेस्ट ऑफ द बेस्ट" का अवॉर्ड मिला था, वही शनिवार रात मातम का गवाह बन गया। कोलकाता के चोरबागान सर्बोजनिन पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और करीब 25 लोग घायल हुए हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें पूजा के आयोजक भी शामिल हैं।
इस पंडाल को सूचना एजेंसी की ओर से देवी दुर्गा सम्मान 2026 भी दिया गया था। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, क्योंकि हर बार अलग थीम पर पंडाल सजाया जाता है। इस साल की थीम "बियॉन्ड साउंड" थी। इसमें शहरी जीवन के शोर-शराबे के उलट शांत, ध्यानमग्न और आत्मनिरीक्षण वाला माहौल दिखाया गया था। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा भी बिना अस्त्र-शस्त्र के, शांत और ध्यान की मुद्रा में स्थापित की गई थी।पिछले सालों की थीम भी चर्चा में रही थीं। 2025 में "स्रोतोस्विनी" थीम थी, जो समय के प्रवाह और सभ्यता के विकास पर आधारित थी। उसमें प्राचीन और आधुनिक घड़ियों से समयकाल दिखाया गया था और मां दुर्गा की मूर्ति नाव पर तैरती नजर आई थी। 2024 में "दुग्गा" थीम नारी शक्ति को समर्पित थी, जिसमें मां, पत्नी और बेटी जैसे रूपों में महिलाओं की भूमिका और संघर्ष को दिखाया गया था।
12 लोग हिरासत में, पूछताछ जारी
एक अधिकारी ने बताया कि जांच के सिलसिले में 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के कारण का पता चल सके। अधिकारी के मुताबिक, अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
SIT का गठन, सीसीटीवी फुटेज जब्त
महासप्तमी के दिन बारिश के बीच अचानक भगदड़ मची थी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसकी जांच के लिए SIT बनाने का ऐलान किया है। इसकी अध्यक्षता हाई कोर्ट के मौजूदा जज करेंगे। SIT में एसटीएफ, सीआईडी और अन्य विभागों के सदस्य भी होंगे।
कोलकाता पुलिस के एंटी राउडी सेक्शन (ARS) ने घटना के समय की उस जगह की सीसीटीवी फुटेज जुटा ली है, जिसकी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भीड़ संभालने में नाकाम रहने वालों पर उचित कार्रवाई होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं प्रधानमंत्री ने भी मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है।











