नई दिल्ली: रोशनी के त्योहार हों या खरीदारी का उत्साह बाजारों में उमड़ती भीड़ के बीच अगर सड़कों पर वाहनों की कतारें थम जाएं तो खुशियों का रंग फीका पड़ते देर नहीं लगती। इसी चुनौती को भांपते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने त्योहारों के दौरान राजधानी की सड़कों को सुचारु रखने के लिए कमर कस ली है। पूर्वी परिक्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए स्थानीय निवासियों और बाजार प्रतिनिधियों के साथ संवाद शुरू किया है। लक्ष्य साफ है-खरीदारी की रौनक बरकरार रहे, आम लोगों का सफर आसान हो और जाम त्योहारों की खुशियों पर ग्रहण न लगा सके।
अवैध पार्किंग पर शिकंजा, ई-रिक्शा की समस्या पर विशेष नजर
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात जोन-एक विजयंता गोयल ने बताया कि त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारों की संख्या बढ़ने के साथ व्यावसायिक गतिविधियां और वाहनों की आवाजाही भी तेज हो जाती है। ऐसे में अवैध पार्किंग ई-रिक्शा की आवाजाही और व्यावसायिक वाहनों के कारण यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इन समस्याओं को समय रहते पहचानकर उनका व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का जोर केवल नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ही नहीं बल्कि बाजारों की वास्तविक समस्याओं को समझकर स्थायी सुधार की दिशा में कदम बढ़ाने पर भी है। बेतरतीब खड़े वाहनों से सड़क की जगह घिरने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नियम तोड़ने वालों को चेतावनी, शिकायत पर भी होगी कार्रवाई
दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिक यातायात नियमों के उल्लंघन की जानकारी ‘वोका’ अनुप्रयोग के माध्यम से भी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। इससे संबंधित शिकायतों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं और नियमों का पालन करें।
सार्वजनिक परिवहन अपनाएं, खरीदारी से पहले बनाएं योजना
त्योहारों पर बाजार जाने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। खरीदारी के लिए निकलने से पहले संबंधित बाजार में उपलब्ध पार्किंग व्यवस्था की जानकारी लेना और निर्धारित स्थान पर ही वाहन खड़ा करना भी जरूरी है। गलत पार्किंग से न केवल दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के रास्ते में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
इस अभियान के दौरान पूर्वी परिक्षेत्र की पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जनसहभागिता को यातायात प्रबंधन का अहम हिस्सा बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की।संदेश स्पष्ट है। खुशियां मनाएं, रास्ते न रोकें। दिल्ली यातायात पुलिस की कोशिश है कि सख्ती बेहतर योजना और नागरिकों के सहयोग से त्योहारों के मौसम में राजधानी की सड़कें गतिमान रहें और बाजारों की रौनक कायम रहे।












