नई दिल्ली: ऑफिस में हार तरीके के लोग आते हैं कोई सीनियर होते हैं तो कोई जूनियर होता है, और यही पे कई बार चीजे ख़राब होने लगती है। हम सोचते हैं की ये हमसे इतने बड़े हैं, और हम अभी छोटे हैं तो कुछ ऐसा बोल या कर न दूं जो मेरी पर्सनालिटी को ख़राब कर दे यही अक्शर आज कल जेन जी सोचती रहती है। ऐसा ही एक किस्सा रिपोर्ट में भी आया है। जिसे एक महिला ने महसूस किया और फिर उसे रेडिट पर अपना अनुभव भी शेयर किया।
बातचीत के तरीके में अंतर से पैदा हो रही गलतफहमी
रेडिट यूजर ने बताया कि उसने पहले भी लोगों को यह कहते सुना है कि ‘यू आर वेल्कम’ की जगह ‘नो प्रॉब्लम’ कहना अच्छा नहीं लगता थोड़ा रोड लगता है, तो कुछ लोग इसे रूखा- सूखा जवाब मानते हैं, जबकि कई लोगों के लिए यह एक आम बात है। महिला का मानना है कि इस तरह की छोटी-छोटी बातें भी अलग-अलग उम्र के लोगों के बातचीत करने के तरीके में अंतर दिखाती हैं। उसे कभी-कभी लगता है कि ऑफिस में Gen Z को लेकर पहले से ही एक सोच बना ली गई है। हालांकि, उसे भरोसा है कि वो किसी के साथ जानबूझकर गलत या अपमानजनक व्यवहार नहीं करती हैं।
Elder Millennials and up: what are some Gen Z habits/behaviours you notice in the workplace that you find offputting/rude/inconsiderate?
by u/unfollowingyou in TheGirlSurvivalGuide
क्या हर अलग आदत को बदतमीजी कहना सही है?
महिला ने अपनी पोस्ट के जरिए उम्र में बड़ी महिलाओं से उनकी राय और अनुभव जानने की कोशिश की। वह समझना चाहती थी कि क्या युवा कर्मचारियों की कुछ आदतें सच में उनके सीनियर्स को बुरी लगती हैं या फिर यह सिर्फ सोच और नजरिये का अंतर है। इस पूरे मामले से यह समझ आता है कि ऑफिस में हर गलतफहमी के पीछे किसी की बुरी नीयत नहीं होती। कई बार लोगों के बात करने, काम करने और चीजों को समझने का तरीका अलग होता है।
उम्र के अंतर की वजह से भी एक ही बात को लोग अलग-अलग तरह से ले सकते हैं। इसलिए किसी की आदत को तुरंत बदतमीजी समझने के बजाय उसकी बात और सोच को समझने की कोशिश करनी चाहिए। जिससे एक अच्छा माहौल और अंडरस्टैंडिंग बनेगी और अच्छे से काम हो पाएगा।











