नई दिल्ली: भारतीय मिठाइयों की बात हो और जलेबी का जिक्र न आए, ऐसा कैसे हो सकता है! गर्मागर्म, सुनहरी और चाशनी में डूबी जलेबी देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। राजस्थान के जोधपुर में मिलने वाली बड़ी और कुरकुरी जलेबी अपने खास स्वाद के लिए जानी जाती है। यहां की प्रसिद्ध मोटूजी जलेबीवाला दुकान को लगभग 125 साल पुराना बताया जाता है। पारंपरिक तरीके से तैयार होने वाली जलेबी का स्वाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।
अगर आप भी जोधपुर की इस मिठाई का स्वाद घर पर लेना चाहते हैं, तो कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर जलेबी बना सकते हैं। इसका असली स्वाद पाने के लिए घोल तैयार करने, उसे फर्मेंट करने और सही तापमान पर तलने का खास ध्यान रखना जरूरी है।
जलेबी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घोल के लिए:
– 250 ग्राम मैदा
– 2 बड़े चम्मच बिना छिलके वाली उड़द दाल
– 2 बड़े चम्मच खट्टा दही
– जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी
– 1 छोटा चम्मच केसर
– तलने के लिए शुद्ध देसी घी
चाशनी के लिए:
– 500 ग्राम चीनी
– 1 कप पानी
– 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
– 4–5 बूंद नींबू का रस
– थोड़ा केसर
जोधपुर स्टाइल कैसे बनाएं?
1: उड़द दाल तैयार करें- उड़द दाल को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह पानी निकालकर इसे बारीक पीस लें।
2: घोल बनाएं- एक बर्तन में मैदा, पिसी दाल और दही मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा, चिकना और गांठ रहित घोल तैयार करें।
3: फर्मेंटेशन करें- घोल को ढककर गर्म जगह पर 12–15 घंटे रखें। जलेबी बनाने से पहले इसे अच्छी तरह फेंटें और केसर मिला दें।
4: चाशनी पकाएं- चीनी और पानी को गर्म करें। चीनी घुलने पर इलायची पाउडर और केसर डालें। चाशनी हल्की चिपचिपी होने पर नींबू का रस मिलाकर आंच बंद कर दें।
5: जलेबी का आकार दें। घोल को जलेबी मेकर या साफ कपड़े में भरें। गर्म देसी घी में गोल-गोल घुमाते हुए बड़ी जलेबियां बनाएं।
6: कुरकुरी होने तक तलें- जलेबी को मध्यम से धीमी आंच पर दोनों तरफ सुनहरा होने तक तलें। घी का तापमान संतुलित रखें, ताकि जलेबी अच्छी तरह पक सके।
7: चाशनी में डुबोएं- तली हुई जलेबी को गुनगुनी चाशनी में लगभग 30–40 सेकंड रखें। फिर निकालकर तुरंत परोसें।
तैयार जलेबी को गर्म दूध के साथ परोसें। चाहें तो त्योहारों, मेहमानों या वीकेंड पर इस पारंपरिक मिठाई को बनाकर घरवालों का मुंह मीठा करा सकते हैं।












