'हिजाब निकालकर क्लास में आओ' 96% मुस्लिम आबादी वाले अजरबैजान में ड्रेस कोड पर बवाल, 37 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

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नई दिल्ली: दुनिया के एक ऐसे देश में हिजाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जहां की करीब 96 फीसदी आबादी मुस्लिम है। यह देश अजरबैजान है। यहां सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड के नए नियम लागू होने के बाद हिजाब पहनने वाली छात्राओं और महिला शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह छात्राओं को स्कूल में प्रवेश नहीं देने की खबरें सामने आई हैं। इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है।

क्या है हिजाब विवाद की वजह?

इस विवाद की वजह 21 सितंबर को अजरबैजान की कैबिनेट द्वारा अपनाया गया प्रस्ताव नंबर 309 है। इसके तहत स्कूलों में निर्धारित यूनिफॉर्म और ड्रेस कोड से अलग कपड़ों पर रोक लगाने के प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था बनाए रखना और स्कूलों में एक समान ड्रेस कोड लागू करना है।

हालांकि, सरकार ने हिजाब पर सीधे प्रतिबंध लगाने की घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए नियमों को लागू करते समय हिजाब पहनने वाली छात्राओं को कक्षाओं में जाने से रोका गया। महिला शिक्षकों को भी सिर से स्कार्फ हटाने के निर्देश दिए जाने के आरोप लगे हैं।

स्कूलों में विरोध, 37 लोग गिरफ्तार

नए नियमों के खिलाफ बाकू समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, बाकू के स्कूल नंबर 322 और 69 में कुछ छात्रों ने हिजाब पहनने वाली सहपाठियों के समर्थन में कक्षाओं का बहिष्कार किया। जलीलबाद के एक स्कूल में भी छात्राओं को हेडस्कार्फ के कारण प्रवेश नहीं दिए जाने की खबर सामने आई।

12 अक्टूबर को अजरबैजान के गृह मंत्रालय ने इन घटनाओं के सिलसिले में 37 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस ने उन पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और स्कूलों के कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए हैं।

धार्मिक स्वतंत्रता पर उठे सवाल

अजरबैजान का संविधान देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करता है। सरकार जहां समान ड्रेस कोड पर जोर दे रही है, वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि हिजाब पहनना व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मामला है। शिक्षिका ज़हरा हसनोवा ने भी कहा कि हिजाब पहनना या उतारना उनकी व्यक्तिगत पसंद होनी चाहिए। आलोचकों का सवाल है कि सिर पर स्कार्फ पहनने से पढ़ाई में क्या बाधा आती है।

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