नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने शासनकाल में मुख्य चुनाव आयुक्तों को अलग-अलग पदों पर नियुक्त करके राजनीतिक लाभ पहुंचाया। गोयल ने कांग्रेस के मौजूदा रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने से पहले पार्टी को अपने पुराने रिकॉर्ड पर भी नजर डालनी चाहिए।
कांग्रेस के पुराने फैसलों पर उठाए सवाल
पीयूष गोयल ने कांग्रेस के व्यवहार को बचकाना बताते हुए राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, लेकिन उसके शासनकाल में चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों को बाद में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया था।
राहुल गांधी का ट्रैक रिकॉर्ड: 🔴 एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर को पार्टी टिकट पर उम्मीदवार बनाया 🔴 एक को यूनियन कैबिनेट में लिया गया 🔴 दो चीफ इलेक्शन कमिश्नरों को गवर्नर बनाया गया 🔴 एक बार चीफ इलेक्शन कमिश्नर के यह कहने पर कि उनके नीचे काम करने वाला इलेक्शन कमिश्नर कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहा है, उसे निकालने से इनकार कर दिया गया ऐसा पक्षपात हमने शायद ही किसी सरकार में देखा होगा…
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) October 13, 2026
केंद्रीय मंत्री ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि गिल चुनाव आयुक्त रहने के बाद राजनीति में आए और कांग्रेस सरकार के दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बने। गोयल ने इन नियुक्तियों को राजनीतिक पुरस्कार से जोड़ते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।
टीएन शेषन का भी किया जिक्र
गोयल ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका कार्यकाल समाप्त होने के कुछ समय बाद ही उन्हें राज्यपाल बनाया गया था। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान में काम करने वाले अधिकारियों को बाद में राजनीतिक पद देना क्या उचित परंपरा है? हालांकि, इन नियुक्तियों को लेकर गोयल ने जो सवाल उठाए, वे उनके राजनीतिक आरोप हैं। किसी नियुक्ति को अपने आप में गलत या किसी तरह के लेन-देन का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
चुनाव आयोग को लेकर फिर आमने-सामने कांग्रेस और बीजेपी
पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में चुनाव आयोग के पदों का राजनीतिक इस्तेमाल किया और बाद में अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर पुरानी सेवाओं का इनाम दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल और अन्य राजनीतिक पदों पर नियुक्त किया गया। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी भूमिका को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ कांग्रेस मौजूदा चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी उसके पुराने फैसलों को मुद्दा बना रही है। इस बयान के जरिए गोयल ने राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है।












