म्यांमार से नशे की खेप, गाड़ियों के पेट्रोल टैंक में छिपा था मौत का सामान! एनसीबी का बड़ा प्रहार

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नई दिल्ली:  नशे के काले कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक बार फिर बड़ा प्रहार किया है। तस्करों ने मादक पदार्थों को सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए ट्रकों के ईंधन टैंकों में खास तरह के गुप्त कक्ष बना रखे थे, लेकिन खुफिया जानकारी और एनसीबी की सतर्क निगरानी के आगे उनकी यह चाल काम नहीं आई। छह अक्टूबर को गुवाहाटी में चलाए गए अभियान के दौरान 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन यानी वाई-टाइप नशीली गोलियां बरामद की गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अवैध कीमत करीब 43 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में मणिपुर के बिष्णुपुर निवासी दो कथित मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

ट्रकों के टैंक में छिपाया नशा, खुफिया सूचना ने खोली पोल

एनसीबी गुवाहाटी को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर अधिकारियों ने दो ट्रकों को रोककर उनकी सघन तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों के ईंधन टैंकों के भीतर विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त कक्ष मिले। इनका इस्तेमाल नशीले पदार्थों को छिपाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए किया जा रहा था। तलाशी में भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद हुईं और मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

म्यांमार से जुड़ा खेप का तार, पूरे नेटवर्क पर नजर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त की गई खेप म्यांमार से लाई गई थी। अब एनसीबी की जांच का दायरा उन अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं, भारतीय खरीदारों, वित्तपोषकों, परिवहनकर्ताओं और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने पर केंद्रित है, जो इस तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। एजेंसी का लक्ष्य केवल खेप जब्त करना नहीं, बल्कि नशे की पूरी आपूर्ति शृंखला को उजागर कर संगठित गिरोह की जड़ों तक पहुंचना है।

फरार आरोपियों पर भी शिकंजा, छह गिरफ्तार

इसी बीच, एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एनसीबी गुवाहाटी ने छह आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें दो असम और एक-एक बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर तथा त्रिपुरा के निवासी हैं। इस अभियान का उद्देश्य लंबे समय से कानूनी कार्रवाई से बच रहे आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाना है। एनसीबी पूर्वोत्तर भारत में राज्य पुलिस, मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल, असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सशस्त्र सीमा बल, सीमा शुल्क, राजस्व खुफिया निदेशालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय मजबूत कर रही है। संदेश साफ है नशे के कारोबार में शामिल किसी भी कड़ी को बख्शने का इरादा नहीं। एनसीबी का लक्ष्य है तस्करों के नेटवर्क को तोड़ना, आर्थिक रास्तों पर चोट करना और ‘नशामुक्त भारत’ के संकल्प को मजबूती देना।

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