CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका का बड़ा हमला, PM मोदी और अमित शाह को घेरा

0
8

नई दिल्ली: दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीनों नेताओं को रविवार को रिहा कर दिया गया। अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसके बाद 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरवाकर उन्हें छोड़ दिया गया। रिहाई के बाद पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और अपनी कार्रवाई को कानूनी जीत बताया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ दास ने दावा किया कि हिरासत के दौरान उन्हें आरके पुरम में रखा गया था, जबकि आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को दूसरी जगह ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता की गई। मानवाधिकार आयोग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उसे इस मामले पर ध्यान देना चाहिए। सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को गिरफ्तारी के बजाय अपहरण करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और फोन हैक भी किए गए। हालांकि, ये सभी आरोप पार्टी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

मोदी-शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त पर साधा निशाना

आशुतोष रांका ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार केवल भाजपा को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।रांका ने शनिवार की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें, सौरभ दास और अभिजीत दीपके को विमान के अंदर जाकर हिरासत में लिया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके की दादी के निधन की जानकारी दिए जाने के बावजूद वहां दिल्ली पुलिस के कर्मचारी कैमरा और माइक लेकर मौजूद थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है और यह सब एक व्यक्ति को बचाने के लिए किया जा रहा है।

दादी के अंतिम दर्शन के लिए गांव रवाना हुए अभिजीत

रिहाई के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव के लिए रवाना हो गए। शनिवार को उनकी दादी का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार नहीं होने के कारण वह उनके अंतिम दर्शन के लिए गांव गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि तीनों नेताओं को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। रविवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50 हजार रुपये का बॉन्ड भरने के बाद अदालत ने तीनों को रिहा कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here