CJP के अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका रिहा, लेकिन एक साल तक माननी होगी कोर्ट की ये शर्त

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार को BNSS की धारा 126/170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, उनकी रिहाई के साथ एक शर्त भी रखी गई है। तीनों नेताओं को अगले एक साल तक शांति बनाए रखनी होगी। साथ ही अदालत ने तीनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।

वकील रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तीनों नेताओं की रिहाई की जानकारी साझा की। इसके बाद CJP ने भी सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। पार्टी ने लिखा कि आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। पोस्ट में आगे लिखा गया, ‘कॉकरोच कभी नहीं मरते।’ बता दें कि आज CJP की ओर से 2 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी।

विमान से ही हिरासत में लिए गए थे CJP नेता

अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले थे। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया था। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें विमान से ही हिरासत में लिया था। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी थी, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी मिली रिहाई

CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी शनिवार को हिरासत में लिया गया था। पुलिस उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से अपने साथ ले गई थी। अब रविवार को उन्हें भी रिहा कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि ध्रुव राठी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए दोबारा जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें फिर से हिरासत में लिया जा सकता है। ऐसे में प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर आगे भी पुलिस की नजर बनी रहेगी।

22 हजार प्रदर्शनकारी हुए थे डिटेन

शनिवार को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई थी। राजधानी में 30 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के गेट भी बंद कर दिए गए थे।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 22 हजार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई के बाद रविवार को CJP नेताओं और ध्रुव राठी की रिहाई घटनाक्रम का अहम हिस्सा बन गई है।

(With Input from Pankaj Rai)

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