नई दिल्ली: साहित्य की दुनिया के सबसे बड़े सम्मान नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है। बता दें, साल 2026 का साहित्य नोबेल कनाडा की मशहूर कवयित्री और निबंधकार ऐनी कार्सन को दिया गया है। नोबेल कमेटी ने उनके भाषाई प्रयोगों और कविता में नए अर्थों की तलाश को यह सम्मान देने की बड़ी वजह बताया है।
90 के दशक में लिखीं चर्चित रचनाएं
ऐनी कार्सन ने 1990 के दशक में कई ऐसी रचनाएं लिखीं, जिन्होंने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 1995 में आई उनकी किताब ‘ग्लास, आयरनी एंड गॉड’ में शामिल ‘द ग्लास एस्से’ को आज भी उनकी सबसे चर्चित रचनाओं में गिना जाता है। वहीं 1998 में प्रकाशित ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड: ए नॉवेल इन वर्स’ को उनके करियर की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कृति माना जाता है। इस किताब ने कविता और उपन्यास के बीच की सीमाओं को तोड़ दिया था।
टोरंटो में जन्म, क्लासिक्स की रहीं प्रोफेसर
ऐनी कार्सन का जन्म 1950 में कनाडा के टोरंटो शहर में हुआ था। उन्होंने क्लासिक्स में गहरी पढ़ाई की और 1981 में ‘ओडी एट अमो एर्गो सम’ शीर्षक से अपनी डॉक्टरेट थीसिस क्लासिक्स जर्नल में प्रकाशित की। अपने लंबे करियर में उन्होंने न सिर्फ कविताएं लिखीं, बल्कि प्राचीन ग्रीक साहित्य का अनुवाद भी किया और अमेरिका-कनाडा की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज में पढ़ाया।
नोबेल कमेटी ने क्या कहा?
नोबेल कमेटी ने अपने बयान में कहा, “ऐनी कार्सन का लगभग पूरा साहित्यिक काम एक भाषाविद के शब्दों के प्रति जुनून और एक कवि की नए मतलब खोजने की इच्छा का मेल है। उन्होंने खुद शब्दों की व्युत्पत्ति यानी एटिमोलॉजी को अपने सभी कामों का शुरुआती बिंदु माना है।”
कमेटी ने आगे कहा कि कार्सन हमेशा हल्के-फुल्के अंदाज में लेखन की नई संभावनाएं तलाशती हैं। उनके लिए लिटरेरी स्केच बेहद कीमती है। विजुअल आर्टिस्ट, कोरियोग्राफर, ओपेरा और थिएटर डायरेक्टर के साथ उनके कोलेबोरेशन से पता चलता है कि वह साहित्य के बने-बनाए नियमों और उम्मीदों को कितनी आजादी से अपनाती हैं। यही कारण है कि 1990 के दशक से ही उनके काम ने अंतरराष्ट्रीय कला और साहित्य जगत में बेहद अहम जगह बना ली है।












