पंजाब में विधानसभा चुनावों में अभी समय है, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों में मुलाजिमों से जुड़े मुद्दों को विशेष अहमयित दी गई है। सरकार ने एक तरफ करीब 1400 स्टाफ नर्सों के लिए लंबे समय से लटके नियमों को मंजूरी दी है, वहीं पंजाब इंस्टीट्यूट आफ टूरिज्म एंड ट्रैवल स्टडीज में काम कर रहे बाकी नान-टीचिंग मुलाजिमों को भी संस्थान में लेने का फैसला किया गया है। इसके अलावा मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर में नए पद सृजित करने तथा पठानकोट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रणजीतगढ़ विकास अथारिटी के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
नर्सिंग स्टाफ को नियमों के दायरे में लाया जाएगा
कैबिनेट ने पंजाब नर्सिंग एजुकेशन सर्विस रूल्स-2016 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार के मुताबिक साल 2021 में विभाग का नया गठन होने के बाद करीब 1400 स्टाफ नर्सों की भर्ती हो चुकी थी, मगर इन मुलाजिमों के लिए नए नियम नहीं बनाए गए थे। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद संशोधित नियम लागू किए जा सकेंगे। इससे 2021 के बाद भर्ती किए गए नर्सिंग स्टाफ को नियमों के दायरे में लाया जा सकेगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर में नए पद सृजित करने अनुमति
कैबिनेट ने पिट्स में काम कर रहे नॉन-टीचिंग मुलाजिमों से जुड़ा भी अहम फैसला लिया है। रिकार्ड के मुताबिक पहले कुछ मुलाजिमों का संबंधित सोसाइटी में रलेवा किया जा चुका था, जबकि कुछ मुलाजिम पिट्स में ठेके के आधार पर काम कर रहे थे। अब समायोजन से बचे हुए मुलाजिमों को भी पिट्स में लेने का फैसला किया गया है। सरकार के इस फैसले से इन मुलाजिमों को संस्थान में जगह मिल सकेगी। कैबिनेट ने पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर में नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी है। चुनावों से संबंधित कामकाज में मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर की अहम भूमिका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नए पद सृजित होने से दफ्तर के प्रबंध को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।












