नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बड़ा हादसा टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के चर्चे अब पूरी दुनिया में हो रहे हैं। जहां एक तरह पूरी दुनिया में पायलट की सरहाना की जा रही है। वहीं इसी बीच गुजरात सरकार ने गुरुवार को बड़ा ऐलान कर दिया है। सरकार ने कहा है कि कैप्टन स्मित को उनकी असाधारण वीरता के लिए राज्य के प्रतिष्ठित ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। लेकिन आखिर में ऐसा क्या हुआ था चलिए जानते है।
खून से लथपथ होने के बावजूद दिखाया साहस
दरअसल, सामने आई ताजा जानकारी के मुताबिक फ्लाइट के दौरान ओमान के को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया था। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ हो गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने हमलावर का डटकर सामना किया और सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, ताकि क्रू और यात्रियों को मदद के लिए बुलाया जा सके।
कैप्टन की इसी सूझबूझ से समय रहते हमलावर पर काबू पा लिया गया। बाद में विमान की सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बच गई।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने की तारीफ
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन की तारीफ करते हुए लिखा, “इजरायल जाने वाली फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हिम्मत को आज पूरी दुनिया सलाम कर रही है। बुरी तरह घायल होने के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाने के लिए उन्होंने अद्भुत बहादुरी दिखाई। यह बेहद प्रेरणादायक है।”
‘गुजराती जज्बे ने बढ़ाया गर्व’
इसके साथ ही सीएम ने कहा, “गुजरात के इस बहादुर बेटे ने अपनी वीरता से दुनिया भर में गुजरात और देश का नाम रोशन किया है। उनकी रगों में दौड़ता गुजराती जज्बा हम सभी को गर्व से भर देता है। इस असाधारण काम के लिए सरकार उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार से सम्मानित करेगी। पूरा गुजरात उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।”
वैश्विक नेताओं ने भी सराहा
इतना ही नहीं कैप्टन स्मित की जांबाजी की तारीफ वैश्विक स्तर पर हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हीरो बताते हुए कहा कि उनके धैर्य और साहस से एक बड़ी त्रासदी टल गई। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि खून बहने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद बुलाना उनकी अद्भुत बहादुरी को दिखाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन के साहसिक कदम की सराहना की है।












