नई दिल्ली: अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बाहरी उत्तर जिला पुलिस ने एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई करते हुए बदमाशों अवैध हथियारों और नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी शोभित डी सक्सेना ने बताया कि कही सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराने की तस्वीर सामने आने के बाद आरोपियों तक पुलिस पहुंची तो कहीं गुप्त सूचना के आधार पर गांजा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ। वहीं नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति और नकदी पर भी पुलिस ने शिकंजा कसते हुए लाखों रुपये की नकदी सोना-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए। इसके अलावा लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी को भी एएटीएस की टीम ने दबोच लिया।
सोशल मीडिया पर हथियारों की नुमाइश पड़ी भारी
बाहरी उत्तर जिला एएटीएस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराने के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों शंकर और रोशन झा को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही से दो अवैध हथियार एक मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध हथियार का प्रदर्शन किए जाने की जानकारी एएटीएस को मिली थी। तकनीकी विश्लेषण और मैदानी स्तर पर सत्यापन के बाद आरोपी की पहचान नरेला निवासी करीब 25 वर्षीय शंकर पुत्र हरि प्रसाद के रूप में हुई। टीम ने उसे दबोचा तो उसके कब्जे से एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस संबंध में थाना नरेला में प्राथमिकी संख्या 627/2026, शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में शंकर ने पुलिस को बताया कि हथियार उसे रोशन झा ने उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने रोशन झा को भी दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान रोशन ने बताया कि शंकर की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उसने दूसरे हथियार और कारतूस को बवाना-बादली नहर के बीच, छोटा खेड़ा कट सेक्टर-29, रोहिणी के पास घास में छिपा दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वहां से एक पैकेट बरामद किया, जिसमें एक अत्याधुनिक पिस्तौल एक मैगजीन और 7.65 एमएम के पांच जिंदा कारतूस मिले।
इस कार्रवाई में कुल दो अवैध हथियार, एक मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक शंकर की पूर्व में चोरी के एक मामले में संलिप्तता रही है जबकि रोशन झा के खिलाफ हत्या, लूट और शस्त्र अधिनियम से जुड़े चार मामले बताए गए हैं। वह थाना समयपुर बादली में दर्ज एक मामले में भी वांछित था। कार्रवाई एएटीएस बाहरी उत्तर जिले के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार झा के नेतृत्व में हुई। टीम में एएसआई नरेश कुमार, एएसआई अजर अनवर, हेड कांस्टेबल मनजीत सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल मयंक और कांस्टेबल मनीष शामिल रहे। कार्रवाई एसीपी ऑपरेशन दिनेश कुमार की निगरानी और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रथम लोकेश्वरन आर के मार्गदर्शन में हुई।
25 किलो से ज्यादा गांजे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
दूसरी बड़ी कार्रवाई में थाना नरेला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने गांजा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कुल 25.444 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पहली कार्रवाई 25 सितंबर को हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि नवल किशोर बवाना की जेजे कॉलोनी स्थित ए-ब्लॉक बस स्टैंड के पास गांजा सप्लाई करने आने वाला है। सूचना पर जाल बिछाया गया और करीब 37 वर्षीय नवल किशोर को होंडा लीवा मोटरसाइकिल के साथ दबोच लिया गया।
उसके नीले रंग के बैग की तलाशी में चार पैकेट मिले, जिनमें कुल 10.670 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। उसके पास से मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 340 रुपये नकद भी मिले। पूछताछ में नवल किशोर ने गांजा शाह जमाल उर्फ फकीरा से खरीदने की बात बताई। इसके बाद 27 सितंबर को पुलिस ने शिवलोक, जेजे कॉलोनी, बवाना के पास नहर क्षेत्र में जाल बिछाकर शाह जमाल उर्फ फकीरा और उसके साथी कपिल को वैगन-आर कार समेत गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 14.774 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर पुलिस ने 25.444 किलोग्राम गांजा एक होंडा लीवा मोटरसाइकिल, एक वैगन-आर कार और मोबाइल फोन बरामद किया है।कार्रवाई में हेड कांस्टेबल आशीष कुमार, हेड कांस्टेबल काली चरण कांस्टेबल विक्रम और कांस्टेबल अश्वनी शामिल रहे। टीम ने एएसआई बलराज और थाना प्रभारी के निर्देशन में कार्रवाई को अंजाम दिया।
नशे की कमाई का खजाना भी पुलिस के हाथ
बाहरी उत्तर जिले की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर ड्रग्स से अर्जित संपत्ति का बड़ा जखीरा बरामद किया। पुलिस ने 56 लाख 69 हजार 500 रुपये नकद, 355 ग्राम सोने के आभूषण 161 ग्राम चांदी के आभूषण और चार संपत्ति संबंधी दस्तावेज जब्त किए। मामला नरेला थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 617/2026 से जुड़ा है। 23 सितंबर को पुलिस ने बवाना स्थित न्यू सनौठ कॉलोनी में छापेमारी कर महिला आरोपी पार्वती और उसके कथित बॉडीगार्ड विकास उर्फ शानू को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई में पुलिस ने 939 ग्राम हेरोइन, 615 ग्राम मिलावटी पाउडर और 7 लाख 93 हजार 170 रुपये नकद बरामद किए थे।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार पार्वती द्वारा बवाना और नरेला क्षेत्र में लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई से संपत्ति अर्जित करने की जानकारी सामने आई। इसके बाद 28 सितंबर को उसकी निशानदेही पर उसके मकान और लॉकर की तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान 56.69 लाख रुपये नकद, 355 ग्राम सोना, 161 ग्राम चांदी और चार संपत्ति के रजिस्ट्री दस्तावेज बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में कथित सप्लायर साहेब खान उर्फ सोनू, निवासी प्रतापगढ़, राजस्थान, को भी गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 265 ग्राम हेरोइन बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पूरे मामले में पुलिस ने कुल 1204 किलोग्राम हेरोइन, 615 ग्राम मिलावटी पाउडर और 64 लाख 62 हजार 670 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके साथ सोने-चांदी का आभूषण चार संपत्ति दस्तावेज, एक टाटा हैरियर और एक स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम का नेतृत्व निरीक्षक गौरव चौधरी ने किया। कार्रवाई एसीपी ऑपरेशन की निगरानी तथा बाहरी उत्तर जिले के पुलिस उपायुक्त के समग्र निर्देशन में हुई।
फरार घोषित अपराधी भी पुलिस की पकड़ में
अपराधियों पर शिकंजा कसने की कड़ी में एएटीएस की घोषित अपराधी पकड़ो टीम ने भी एक बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे घोषित अपराधी जोगिंदर उर्फ चाची, निवासी मंगोलपुरी, को गिरफ्तार किया। करीब 25 वर्षीय जोगिंदर को अदालत द्वारा थाना मंगोलपुरी के वर्ष 2018 के मामले में घोषित अपराधी घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ पूर्व में भी दो मामले दर्ज रहे हैं।
तकनीकी निगरानी और लगातार मैदानी सत्यापन के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को एएटीएस बाहरी उत्तर जिला प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार झा के नेतृत्व में घोषित अपराधी स्टाफ ने अंजाम दिया। टीम में एएसआई संदीप और हेड कांस्टेबल अभिषेक खत्री शामिल रहे।
चार मोर्चे एक ही संदेश- अपराध पर शिकंजा
बाहरी उत्तर जिले में हुई इन अलग-अलग कार्रवाइयों ने पुलिस की कार्रवाई का एक व्यापक खाका सामने रखा है। सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन हो, हथियारों की सप्लाई, नशे की तस्करी, ड्रग्स से अर्जित कथित संपत्ति या अदालत से घोषित फरार अपराधी- पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों के स्रोत और उनकी आपूर्ति श्रृंखला नशीले पदार्थों के नेटवर्क तथा अपराध से अर्जित संपत्ति से जुड़े अन्य संभावित लिंक की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











