नई दिल्ली: आईएएस की नौकरी अचानक छोड़कर सुर्खियों में आईं दिव्या मित्तल ने आखिरकार अपने अगले कदम से पर्दा उठा दिया है। मंगलवार सुबह उन्होंने साफ कर दिया कि अब वे उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी और यहीं से राजनीति में उतरेंगी। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस ऐलान के साथ ही उनका निशाना सीधे भाजपा नेताओं पर दिखा, और उन्होंने दो टूक कह दिया कि किसी से डरने वाली नहीं हैं।
संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में डीएम रह चुकीं दिव्या मित्तल ने पिछले महीने ही आईएएस पद से इस्तीफा दिया था। इससे पहले उन्हें देवरिया के डीएम पद से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव बना दिया गया था, जिसे उनके इस्तीफे की बड़ी वजह माना जा रहा था। कहा जा रहा था कि वे मैदान में उतरकर कुछ अलग करना चाहती थीं, और तभी से उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज हो गई थीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो में दिव्या ने कहा कि लोगों के मन में उनसे जुड़े कई सवाल थे, लेकिन वे जवाब देने से पहले खुद को मजबूत करना चाहती थीं। अब वे बताने आई हैं कि आगे क्या करेंगी, किसके साथ करेंगी और कहां रहकर करेंगी।
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। pic.twitter.com/mtS6gzBzRw
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 29, 2026
राजनीति में आने का किया ऐलान
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब राजनीति करेंगी, ताकि उन लोगों की आवाज बन सकें जिनकी बात किसी दफ्तर तक पहुंच ही नहीं पाती, या पहुंचकर भी अनसुनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की आजादी के 80 साल का हिसाब लेना है। दिव्या ने साफ किया कि उनका मकसद किसी नेता को बदलना नहीं, बल्कि राजनीति करने के तरीके को बदलना है। उन्होंने इसे इरादे, न्याय, फिक्र और सोच की राजनीति बताया। उनके मुताबिक वे किसी दल के झंडे तले नहीं, बल्कि सीधे आम जनता के साथ खड़ी होकर राजनीति करेंगी, क्योंकि जिन झंडों के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं बदला, वहां खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता।
भाजपा समर्थकों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में दिव्या ने किसी दल का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनके निशाने पर भाजपा साफ नजर आई। दरअसल भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने पहले आरोप लगाया था कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ही उन्होंने इस्तीफा दिया। इसका जवाब देते हुए दिव्या ने कहा कि एक बड़ी पार्टी के प्रवक्ता ने जानबूझकर एक झूठी मुलाकात की बात लिखी, जबकि सच्चाई यह थी कि ऐसी कोई मुलाकात हुई ही नहीं। उनके मुताबिक इसका मकसद उन्हें डराना था। दिव्या ने कहा कि सवाल पूछने वाली किसी महिला को शुरुआत में ही डराने की कोशिश की जाती है, चाहे एफआईआर के जरिए हो या ट्रोलिंग के जरिए, ताकि अच्छे लोग राजनीति से दूर रहें। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे डरेंगी नहीं, बल्कि लगातार सवाल पूछती रहेंगी।












