मायावती ने अखिलेश यादव के पीडीए रथ पर निशाना साधते हुए कहा- ‘गिरगिट की तरह रंग बदलना वोट का खेल’

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Mayawati Attacks Akhilesh Yadav PDA Rath
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नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 सितंबर को पीडीए रथ से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने वाले हैं। इस दौरान वे रायबरेली में हरचंदपुर के विधायक राहुल लोधी के आवास पर जाएंगे। पार्टी ने इस दौरे के लिए खास मल्टी-एक्सल बस का इंतजाम किया है, जिसमें आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। पूरे कार्यक्रम का शेड्यूल भी तय हो चुका है।

अखिलेश यादव पर मायावती का तंज

इसी पीडीए रथ को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में अखिलेश यादव का प्रचारित पीडीए रथ सपा के पारंपरिक लाल रंग का कम और आरएसएस-भाजपा के भगवा रंग का ज्यादा है। उन्होंने कहा कि लोग चर्चा कर रहे हैं कि यह वोटों के स्वार्थ में गिरगिट की तरह रंग बदलना है या फिर मुसलमानों से वोट पाने का भरोसा खत्म हो जाना है।

मायावती ने आगे कहा कि यूपी के मुस्लिम समाज को अच्छी तरह पता है कि पिछले चुनावों में उन्होंने सपा को एकतरफा वोट दिए, फिर भी पार्टी भाजपा को यूपी और केंद्र में सरकार बनाने से नहीं रोक पाई। ऐसे में बार-बार वोट देकर अपना वोट क्यों खराब करें। अब वे अपरकास्ट खासकर ब्राह्मण समाज की तरह तेजी से बसपा के पक्ष में रुख बदल रहे हैं।

बसपा की जरूरत पर जोर

मायावती ने दावा किया कि प्रदेश को बहुजन समाजवादी पार्टी की सख्त जरूरत है। बसपा ने यूपी में अपराध नियंत्रण, शांति-व्यवस्था और कानून का राज कायम करने के साथ जनहित, जनकल्याण और विकास के मामलों में कई बार आयरनलेडी शासन स्थापित करके दिखाया है। 

उन्होंने सपा से कहा कि अब पीडीए की असली हकीकत जनता को बतानी चाहिए। चुनावी फायदे के लिए कभी पीडी को पिछड़ा-दलित बताया, कभी पंडित बता दिया। अंबेडकरवादी दिखने के चक्कर में नीला वस्त्र पहनकर तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन लोगों ने इसे फेक अंबेडकरवादी कहकर खारिज कर दिया 

मायावती ने जोर दिया कि बसपा सर्वसमाज के लिए ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति वाली असली अंबेडकरवादी पार्टी है। यह सबको रोटी-रोजगार के साथ आत्मसम्मान और स्वाभिमान का जीवन देने की पक्षधर है। इसी वजह से सर्वसमाज में बसपा का सम्मान है। अखिलेश के अभियान शुरू होने से पहले मायावती के इन बयानों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। दोनों पार्टियों के बीच यह तंजबाजी आगे भी जारी रह सकती है।

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