रेजीनगर उपचुनाव में बड़ा यू-टर्न, नामांकन वापस लेने के फैसले से पलटे रबीउल, एक फोन ने बदला पूरा खेल

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Mamata Banerjee
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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी ड्रामा अपने चरम पर पहुंच गया है। चुनाव मैदान से हटने का ऐलान कर चुके ‘ममता टीएमसी’ गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने महज कुछ ही घंटों के भीतर अपना फैसला पलट दिया है। शनिवार को नामांकन वापसी की अंतिम समय सीमा (दोपहर तीन बजे) समाप्त होने से ठीक पहले आए इस नाटकीय यू-टर्न के पीछे पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी का हस्तक्षेप माना जा रहा है। ममता बनर्जी से टेलीफोन पर हुई सीधी बातचीत और मिले ठोस आश्वासन के बाद रबीउल अब पूरी ताकत से उपचुनाव लड़ने के लिए मैदान में अड़ गए हैं।

धमकियों के बीच वापस लेने पहुंचे थे पर्चा

रबीउल आलम चौधरी ने मीडिया को बताया था कि वह अपना नामांकन वापस लेने बहरामपुर जा रहे हैं। उन्होंने इसके पीछे नया चुनाव चिन्ह मिलने से कार्यकर्ताओं में फैला असमंजस और प्रशासनिक दबाव जैसी वजहों को जिम्मेदार ठहराया था। 
ममता बनर्जी ने उन्हें सीधे फोन मिलाकर बात की। पार्टी सुप्रीमो ने रबीउल को किसी भी दबाव के आगे न झुकने और चुनावी मैदान में मजबूती से डटे रहने के लिए राजी कर लिया।

दीदी के सिपाही बनकर लड़ेंगे चुनाव

ममता बनर्जी से मिले आश्वासन के बाद रबीउल आलम चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस यू-टर्न की केवल एक ही वजह है, उनकी नेता ममता बनर्जी का स्पष्ट निर्देश। रबीउल ने जोर देकर कहा कि वे ममता बनर्जी के सच्चे सिपाही हैं और जब तक एक भी कार्यकर्ता उनके साथ खड़ा है, वे मैदान छोड़कर पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान होना है, जिसके नतीजे नौ अक्टूबर को जारी किए जाएंगे। नंदीग्राम सीट पर ममता टीएमसी की प्रत्याशी पहले ही अपना नामांकन पत्र वापस ले चुकी हैं, जिसके बाद रेजीनगर की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है।

पार्टी के भीतर से ही उठे आलोचना के सुर

रबीउल के चुनावी मैदान में बने रहने के फैसले के बाद पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी सतह पर आ गए हैं। मुर्शिदाबाद सीट से तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद अबू ताहिर खान ने रेजीनगर सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने के इस पूरे कदम की खुलकर आलोचना की है। टीएमसी सांसद ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व उन्हें हमेशा गुमराह करते आए हैं और इस बार भी रेजीनगर उपचुनाव के मामले में उन्हें गलत सलाह देकर गुमराह किया गया है।

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