नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात देते हुए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के पात्रता नियमों में बेहद महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब तक भौगोलिक पाबंदियों के कारण जो कर्मचारी इस योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाते थे, उन्हें नए बदलावों से सीधा फायदा मिलने वाला है। सरकार ने उस बाध्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया है जो कर्मचारियों की तैनाती या निवास स्थान के आधार पर CGHS के कवरेज को सीमित करती थी। इस निर्णय के बाद दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात हजारों कर्मचारियों के लिए CGHS के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा।
मिलेगा चुनने का विकल्प
पहले CGHS क्षेत्र से बाहर तैनात कर्मचारियों को इलाज और रीइंबर्समेंट के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। अब सरकार ने उन्हें भी CGHS का विकल्प चुनने की सुविधा दी है। इसके लिए कर्मचारियों को तय मासिक योगदान देना होगा।
एक बार CGHS चुनने के बाद कर्मचारी अपना फैसला बदल नहीं सकेंगे। इस कदम से CGHS क्षेत्र से बाहर तैनात कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
क्या है CGHS और कितना बड़ा है इसका दायरा?
सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम केंद्र सरकार के मौजूदा और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ उनके आश्रित परिजनों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला एक प्रमुख सरकारी ढांचा है। इसकी शुरुआत 1 जुलाई 1954 को दिल्ली से हुई थी, ताकि कर्मचारियों को अस्पताल के चक्कर काटने और दवाओं के भुगतान से राहत मिल सके। बीते दशकों में इस योजना का विस्तार देश के कोने-कोने में हुआ है। वेलनेस सेंटरों, लेबोरेटरीज और एम्पैनल्ड निजी अस्पतालों के मजबूत नेटवर्क के जरिए यह योजना आज 81 से अधिक शहरों में फैली हुई है और लगभग 46.87 लाख लाभार्थियों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है।
जो कर्मचारी पहले से ही CGHS से कवर्ड शहरों में तैनात हैं या वहां रह रहे हैं, उनके लिए यह योजना अनिवार्य बनी रहेगी, वे इसके बदले अन्य नियमों का विकल्प नहीं चुन सकेंगे। इसके अलावा, सरकार ने नियमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त चेतावनी भी जारी की है। यदि कोई कर्मचारी गलत या भ्रामक जानकारी देकर अवैध रूप से मेडिकल सुविधाओं का लाभ उठाता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ गंभीर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही गलत तरीके से ली गई राशि की पाई-पाई वसूल की जाएगी। लाभार्थी कर्मचारी को यह लिखित शपथ पत्र (अंडरटेकिंग) भी देना होगा कि वे या उनके परिजन CGHS और सेंट्रल सर्विसेज (मेडिकल अटेंडेंस) रूल्स 1944, दोनों का एक साथ लाभ नहीं लेंगे।











