एशियाई खेलों में मनु भाकर और तजिंदर तूर संभालेंगे तिरंगा, भारतीय दल की करेंगे अगुवाई

0
9
Manu Bhakar
Pinterest

नई दिल्ली: जापान के आईची-नागोया शहर में 19 सितंबर से आयोजित होने वाले 2026 एशियाई खेलों के भव्य उद्घाटन समारोह में भारत के दो दिग्गज खिलाड़ी राष्ट्रीय ध्वज थामकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। पेरिस 2024 ओलंपिक में दोहरा पदक जीतकर इतिहास रचने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर और शॉटपुट में एशियाई खेलों के दो बार के स्वर्ण पदक विजेता तजिंदर पाल सिंह तूर को इस बार भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया है। इस घोषणा से भारतीय खेल प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि दोनों ही एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम कई बार रोशन कर चुके हैं। 

ध्वजवाहकों की घोषणा

भारतीय दल के शेफ डी मिशन सहदेव यादव ने आधिकारिक तौर पर मनु भाकर के नाम का ऐलान किया, वहीं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शॉटपुट दिग्गज तजिंदर पाल सिंह तूर के नाम की पुष्टि की। यह दोनों खिलाड़ी उद्घाटन समारोह में भारतीय खिलाड़ियों के विशाल दल की अगुवाई करेंगे। 
दोनों आईची-नागोया में भारत की ओर से पदक के सबसे बड़े दावेदारों में भी गिने जा रहे हैं। मैदान पर उनका अनुभव और पिछली सफलताएं पूरे भारतीय दल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

प्रतिष्ठित मंच पर दो महान चैंपियनों की चमक

मनु भाकर का हालिया प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार एक ही ओलंपिक संस्करण में दो व्यक्तिगत पदक जीतकर इतिहास रचा था। दूसरी ओर, तजिंदर पाल सिंह तूर का एशियाई खेलों में दबदबा सर्वविदित है। 
उन्होंने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था और उसके बाद 2022 हांगझू संस्करण में भी अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया था। अब उनकी नजरें एशियाई खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक हैट्रिक बनाने पर हैं। 

भारत के अभियान की शुरुआत

एशियाई खेलों का औपचारिक शुभारंभ 19 सितंबर को उद्घाटन समारोह के साथ हो रहा है। हालांकि, कुछ खेलों के मुकाबले मुख्य उद्घाटन से पहले ही शुरू हो चुके हैं, जिनमें भारतीय एथलीटों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। टेकबॉल स्पर्धा में भारत के क्विंसी डिसूजा ऐतिहासिक सफलता के बेहद करीब पहुंच गए हैं, जहाँ वे देश के लिए इस खेल में पहला ऐतिहासिक पदक पक्का करने से महज एक जीत दूर हैं। भारतीय खेल दल इस बार हांगझू के अपने सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए पदकों का नया कीर्तिमान स्थापित करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रहा है। 

निशानेबाजों की तैयारियों और रणनीति पर जोर

हांगझू में आयोजित 2022 एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीतकर अभूतपूर्व प्रदर्शन किया था, और इस बार भी शूटिंग दल पर उम्मीदों का भारी दबाव है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के हाई परफॉरमेंस निदेशक पियरे ब्यूशां ने खिलाड़ियों की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण शिविरों में अत्यधिक अभ्यास के बजाय सटीकता और तकनीक को निखारने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के इस अंतिम चरण में खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती और एकाग्रता सबसे महत्वपूर्ण होती है, ताकि वे दबाव के क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here