नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता दायरा अब तक केवल कंप्यूटर स्क्रीन और दफ्तर की मेजों तक सीमित माना जाता था। अक्सर यह कहा जाता था कि AI के आने से केवल दफ्तरी काम (व्हाइट-कॉलर जॉब्स) प्रभावित होंगे, जबकि इंसानी हाथों के हुनर, जैसे प्लंबर, दर्जी या हेयर ड्रेसर का काम पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। हालांकि, उद्योगपति हर्ष गोयनका द्वारा शेयर किए गए एक हालिया वायरल वीडियो ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और एक नई बहस छेड़ दी है।
क्या खतरे में है हेयर ड्रेसर की नौकरी
आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया पर भारत का एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक हेयर ड्रेसर के काम करने के तरीके को AI सिस्टम कैमरे और सेंसर्स की मदद से ट्रैक कर रहा था। इस वीडियो को शेयर करते हुए गोयनका ने लिखा, ‘भारत में AI ट्रेनिंग जारी है! क्या हेयर ड्रेसर की नौकरी खतरे में है?’ इस पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों के बीच चिंता और कौतूहल दोनों बढ़ गए हैं।
AI कैसे सीख रहा है इंसानी हुनर की कला?
हेयरकट करना केवल कैंची चलाने का काम नहीं है, बल्कि यह बालों के टेक्सचर, सिर के आकार और ग्राहक की व्यक्तिगत पसंद को ध्यान में रखकर तुरंत सही फैसला लेने की एक कला है। वायरल वीडियो में यह देखा गया कि AI-पावर्ड सिस्टम हेयर ड्रेसर के हाथों की गतिविधियों, सटीकता और टाइमिंग का बारीक डेटा रिकॉर्ड कर रहा है। कंप्यूटर विजन और रोबोटिक्स में हो रही लगातार प्रगति अब मशीनों को इंसान के जटिल शारीरिक कामों को भी सीखने में सक्षम बना रही है। सवाल यह नहीं है कि कोई मशीन कल ही सैलून में कैंची थाम लेगी, बल्कि असली सवाल यह है कि क्या टेक्नोलॉजी अब इंसानों के हुनर की नकल करके उस प्रक्रिया को खुद में ढालना सीख रही है।
ऑटोमेशन का दायरा और नौकरियां पर असर
शुरुआत में ऑटोमेशन का असर केवल फैक्ट्रियों तक सीमित था, जिसके बाद जेनरेटिव AI ने कंटेंट राइटिंग, कोडिंग, डिजाइनिंग और रिसर्च जैसे डिजिटल कामों को प्रभावित किया। अब यह नई तकनीक उन शारीरिक नौकरियों की तरफ कदम बढ़ा रही है, जिन्हें पूरी तरह से इंसानी दक्षता पर आधारित माना जाता था। हालांकि, जानकारों का मानना है कि फिलहाल हेयर ड्रेसर्स को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह केवल एक तकनीकी प्रयोग या डेमोंस्ट्रेशन है, जिसे सीधा नौकरी छीनने के खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सैलून में हर ग्राहक की मांग अलग होती है और हेयरकट के दौरान ग्राहक और ड्रेसर के बीच का संवाद और भरोसा इस काम का अहम हिस्सा है, जिसे कोई मशीन आसानी से स्थापित नहीं कर सकती।
भविष्य की बड़ी चुनौती और बदलता स्वरूप
इस वायरल वीडियो का सबसे बड़ा पहलू यह है कि यह आने वाले समय में काम के बदलते स्वरूप की तरफ इशारा करता है। AI शायद सीधे तौर पर नाई का विकल्प न बने, लेकिन वह उनके काम के कुछ हिस्सों को आसान बनाने या उसमें मदद करने के लिए एक सहायक टूल के रूप में स्थापित हो सकता है। आने वाले समय में मुख्य सवाल यह नहीं रहेगा कि “AI कौन-सी नौकरी छीनेगा?”, बल्कि यह होगा कि “इंसान और तकनीक मिलकर काम को कितना बेहतर बना सकते हैं।” यह वीडियो यह साफ संदेश देता है कि ऑटोमेशन का भविष्य अब केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रह गया है।












