दिल्ली-NCR से कब विदा होगा मॉनसून? जाते-जाते इन राज्यों में बरसेगा बादल, IMD का बड़ा अपडेट

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Monsoon Rain Alert
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नई दिल्ली: देश में चार महीने तक चलने वाला मॉनसून अब धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन विदाई से पहले कई राज्यों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है. 4 जून को अंडमान-निकोबार से भारत में दाखिल हुआ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून करीब 100 दिन बाद कमजोर पड़ने लगा है. मौसम विभाग के अनुसार 15 से 17 सितंबर के बीच पश्चिमी राजस्थान से इसकी वापसी शुरू होने की संभावना है. इसके बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम शुष्क होने लगेगा.

दिल्ली में अगले चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अब तेज या लगातार बारिश की संभावना कम है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 और 17 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है. 20 से 25 सितंबर के आसपास इन इलाकों में शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो सकती हैं. नोएडा और गाजियाबाद जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में 22 से 27 सितंबर के बीच मॉनसून लौट सकता है. हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में महीने के आखिरी दिनों तक बारिश जारी रहने के आसार हैं.

यूपी और पहाड़ी राज्यों में भी बारिश

हिमाचल प्रदेश में 14 से 20 सितंबर और उत्तराखंड में 15 से 20 सितंबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 15 सितंबर तथा फिर 18 से 20 सितंबर के बीच भी बारिश के संकेत हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 15 से 18 सितंबर के बीच बारिश का अनुमान है.

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बारिश

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश को सक्रिय रख सकता है. वहीं पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सितंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश जारी रह सकती है.

पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और जोधपुर के आसपास 15-16 सितंबर को बारिश हो सकती है. उत्तराखंड में 15 और 16 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने के आसार हैं. पूर्वी राजस्थान में 15 से 17 सितंबर के दौरान आंधी, बिजली और बारिश की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 से 20 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 16 से 20 सितंबर तक हल्की बारिश हो सकती है.

मॉनसून की विदाई कब मानी जाती है

मॉनसून की वापसी का आकलन 1 सितंबर के बाद शुरू किया जाता है. किसी इलाके में करीब पांच दिनों तक बारिश का पूरी तरह रुकना, हवा के पैटर्न में बदलाव और वातावरण में नमी कम होना मॉनसून की विदाई के प्रमुख संकेत माने जाते हैं. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालौर, सिरोही, पाली, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से 15 से 18 सितंबर के बीच मॉनसून की विदाई होने का अनुमान है. हालांकि इससे पहले इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है.

गुजरात और मध्य प्रदेश में कब लौटेगा मॉनसून

उत्तरी गुजरात और उत्तरी मध्य प्रदेश से मॉनसून के 25 से 30 सितंबर के बीच पीछे हटने की संभावना है. दक्षिणी गुजरात और दक्षिणी मध्य प्रदेश में इसके बाद भी हल्की बारिश जारी रह सकती है. बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और कर्नाटक में अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मॉनसून सक्रिय रहने का अनुमान है.

सितंबर के बाकी दिनों में कहां होगी बारिश

15 से 30 सितंबर के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बहुत ज्यादा बारिश की उम्मीद नहीं है. दूसरी ओर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में भी मॉनसून सक्रिय रह सकता है. महीने के आखिरी हिस्से में तटीय कर्नाटक और केरल में बारिश फिर बढ़ने के आसार हैं.

बिहार-झारखंड समेत इन राज्यों में नया दौर

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव पूर्वी भारत के मौसम को प्रभावित करेगा. 15 से 20 सितंबर और फिर 22 से 25 सितंबर के बीच पश्चिम बंगाल, बिहार-झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का नया दौर आ सकता है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है. इससे खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी रहेगा.

अल नीनो का मॉनसून पर असर

प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ने पर अल नीनो की स्थिति बनती है, जिसका असर भारतीय मॉनसून पर पड़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल न्यूट्रल अल नीनो स्थिति और बंगाल की खाड़ी के गर्म समुद्री पानी के कारण सितंबर में अधिक मौसम प्रणालियां बन रही हैं. इसलिए मॉनसून की वापसी शुरू होने के बावजूद कई हिस्सों में बारिश जारी रहने के संकेत हैं.

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