सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बुलडोजर मस्जिद पर चला एक्शन, इकरा हसन के घर के बाहर पुलिस का पहरा

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Mosque Demolition
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर शनिवार की सुबह भारी राजनीतिक और सामाजिक हलचल देखने को मिली। प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश और पहली अपील खारिज होने के बाद मस्जिद को अवैध निर्माण बताते हुए बुलडोजर चला दिया। सुबह-सुबह हुई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। वहीं, इस घटनाक्रम के बीच सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया, जिससे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी और तनाव दोनों बढ़ गए हैं।

इलाके में सुरक्षा सख्त

कार्रवाई के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। 
कलेक्ट्रेट परिसर और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पांच कंपनी पीएसी और आरआरएफ तैनात रही। 

अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी 

सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह फैलने से रोकने के लिए पुलिस की साइबर सेल को अलर्ट पर रखा गया है। 
डीआईजी अभिषेक सिंह ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से माहौल बिगाड़ने अथवा अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सांसद इकरा हसन का हाउस अरेस्ट 

कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कैराना की सपा सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर जाकर अधिकारियों से मिलने का फैसला किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कैराना स्थित आवास पर ही रोक दिया। भारी पुलिस बल ने उनके घर पहुंचकर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। इकरा हसन ने इस कदम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह कलेक्ट्रेट मस्जिद मामले में अधिकारियों से मिलकर जनता का पक्ष रखना चाहती थीं। उन्होंने प्रशासन पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया। सांसद ने सवाल किया कि क्या चुने हुए जनप्रतिनिधि का जनता के मुद्दों पर अधिकारियों से मिलना भी अपराध है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को रोककर जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती।

कलेक्ट्रेट में बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर

सहारनपुर जिलाधिकारी परिसर में स्थित इस मस्जिद को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चला आ रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान मस्जिद के निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध पाया गया था। इसके खिलाफ मस्जिद कमेटी ने उच्च स्तर पर पहली अपील भी दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज करते हुए पुराने फैसले को बरकरार रखा। सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने ध्वस्तीकरण से पहले सभी विधिक और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया है। नोटिस देने और अपील की सुनवाई समाप्त होने के बाद ही यह कदम उठाया गया। प्रशासन का कहना है कि कानून के मुताबिक ही सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का काम पूरा किया गया है। संवेदनशील सड़कों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी में लगातार फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग की जाती रही।

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