नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों में बरती जा रही कथित लापरवाही ने एक बार फिर दो जिंदगियां लील लीं। पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित गली शीश महल में गुरुवार सुबह एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। देखते ही देखते इमारत का मलबा सड़क और आसपास के हिस्सों में फैल गया। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका के बीच दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) दिल्ली अग्निशमन सेवा और नगर निगम (एमसीडी) की संयुक्त टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। इस हादसे में अब तक चार लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें दो की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
सुबह 9:48 बजे भरभराकर गिरी इमारत, मलबे में दबे मजदूर
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9:48 बजे गली शीश महल, चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद एनडीआरएफ और एमसीडी की सहायता से बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। राहत एवं बचाव दलों ने मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया। अब तक चार लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।
दो परिवारों के घरों में पसरा मातम
इस हादसे में किशोरी (40) और संजीत (45) की जान चली गई। दोनों रेलवे कॉलोनी, मंडावली के निवासी थे। वहीं, सहदेव चौधरी (25), पुत्र दारा चौधरी, निवासी मंडावली और फिरोज (37), पुत्र तौहीद, निवासी रेलवे कॉलोनी, मंडावली को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है और वे खतरे से बाहर हैं। दो लोगों की मौत की खबर से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
तीन ठेकेदार गिरफ्तार, निर्माण कार्य की भूमिका जांच के घेरे में
हादसे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए भवन मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी मामले में पुलिस ने फरीदाबाद जिले की तहसील दौज के गांव सिरोही से तीन ठेकेदारों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिराज निवासी मकान नंबर 4282 गली सितारा अजमेरी गेट, ताजुद्दीन, पुत्र समूद्दीन निवासी मकान नंबर 4409, गली सितारा, अजमेरी गेट, दिल्ली और फरकान पुत्र अब्दुल हफीज निवासी मकान नंबर 2994 गली नाल वाली, शाहगंज चौक अजमेरी गेट दिल्ली-6 के रूप में हुई है। पुलिस तीनों के खिलाफ दर्ज बीएनएस की धारा 105 के मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है। भवन मालिकों की भूमिका और निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है। राहत एवं बचाव अभियान जारी रहने के बीच पुलिस हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने में जुटी है।
गफ्फार मार्केट में आधी रात आग का तांडव, चार मंजिला इमारत लपटों में घिरी
एक तरफ चावड़ी बाजार में इमारत गिरने से दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं, तो दूसरी तरफ करोल बाग के गफ्फार मार्केट में आधी रात आग ने भारी तबाही मचा दी। चेन वाली गली स्थित गफ्फार मार्केट में पीसीआर को रात 1:28 बजे आग लगने की सूचना मिली। इस संबंध में थाना करोल बाग में डीडी नंबर 8 दर्ज की गई। सूचना मिलते ही थाना करोल बाग का रात्रि स्टाफ और एसएचओ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।
मौके पर पुरी प्लाजा की दुकान नंबर 13/21 में आग लगी हुई थी। यह चार मंजिला व्यावसायिक इमारत है, जहां मोबाइल फोन से जुड़े सामान का कारोबार होता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत की भूतल स्थित दुकान में मोबाइल बैटरियां रखी हुई थीं। आशंका है कि यहीं से आग की शुरुआत हुई और देखते ही देखते लपटों ने इमारत की सभी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया।
20 से 25 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग की करीब 20 से 25 गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। इसके अलावा तीन कैट एंबुलेंस और दो पुलिस पीसीआर वाहन भी घटनास्थल पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इमारत और दुकानों में रखा सामान जलने से संपत्ति का नुकसान हुआ है।
बैटरियों की ओवरहीटिंग या ओवरचार्जिंग से आग लगने की आशंका
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मोबाइल बैटरियों के अत्यधिक गर्म होने या जरूरत से ज्यादा चार्ज होने को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि आग की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इसके लिए दमकल विभाग और विद्युत निरीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। साथ ही एफएसएल की टीम इमारत का निरीक्षण कर यह पता लगाएगी कि वहां अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ तो मौजूद नहीं था।
एमसीडी से मांगी जाएगी इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा रिपोर्ट
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आग लगने की घटना के बाद इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा का भी आकलन कराया जाएगा। इसके लिए एमसीडी से सुरक्षा मूल्यांकन और प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाएगा, ताकि इमारत के कमजोर होने या भविष्य में किसी अन्य दुर्घटना से जान-माल को खतरे की आशंका को दूर किया जा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आग पूरी तरह बुझा दी गई है और घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था कायम है।
एक ही दिन दो हादसों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत का ढहना और गफ्फार मार्केट में बैटरियों से भड़की आग दोनों घटनाओं ने राजधानी के व्यस्त बाजारों में भवन सुरक्षा निर्माण मानकों और अग्नि सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि दूसरे में करोड़ों के कारोबार वाले बाजार की एक इमारत आग की चपेट में आ गई। अब पुलिस, दमकल विभाग, एफएसएल और एमसीडी की जांच से यह साफ होगा कि इन घटनाओं के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा में कहां चूक हुई।












