इस्लामाबाद में होने जा रही अहम शांति वार्ता से पहले माहौल काफी गर्म हो गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि चाहे बातचीत सफल हो या नहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य को हर हाल में खोला जाएगा. उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि इस रास्ते का सीधा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब अगला कदम खाड़ी के इस अहम समुद्री रास्ते को खोलना है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया गया है और अब उसके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस काम के लिए किसी समझौते की जरूरत नहीं है, यानी अमेरिका अपने स्तर पर भी कार्रवाई कर सकता है.
दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इसके बंद होने से कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार भी प्रभावित हो रहा है.
अमेरिका की चेतावनी और बातचीत का संकेत
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्लामाबाद रवाना होने से पहले कहा कि अगर ईरान सकारात्मक सोच के साथ बातचीत करता है, तो अमेरिका भी सहयोग के लिए तैयार है. लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर ईरान किसी तरह की चाल चलता है, तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा.
ईरान की ओर से कौन होगा शामिल
ईरान की तरफ से वार्ता में शामिल होने वाले प्रतिनिधिमंडल में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ, विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्माती शामिल हैं. हालांकि, कलीबाफ ने कहा है कि बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों को अपने कुछ अधूरे वादे पूरे करने होंगे.
ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की बातचीत शुरू करने से पहले लेबनान में संघर्ष विराम जरूरी है. इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि वे लेबनान के साथ जल्द बातचीत के लिए तैयार हैं.
ईरान पर ट्रंप का तंज
ट्रंप ने ईरान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लड़ाई से ज्यादा प्रचार और मीडिया मैनेजमेंट में माहिर है. उनका यह बयान उस समय आया, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए रवाना हो चुका था.
















