IRCTC घोटाले में नया ट्विस्ट: आरोप तय होने के बाद लालू यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, 5 जनवरी को होगी सुनवाई

0
25
IRCTC scam
IRCTC scam

देश के चर्चित आईआरसीटीसी घोटाले को लेकर सियासी सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. उन्होंने इस फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और राहत की मांग की है.

लालू यादव की याचिका पर सुनवाई सोमवार को होने वाली है. इस मामले की सुनवाई को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में खास दिलचस्पी देखी जा रही है, क्योंकि यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है.

दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंचा मामला

आईआरसीटीसी घोटाले में आरोप तय होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में ट्रायल कोर्ट के आदेश को कानून के विपरीत और त्रुटिपूर्ण बताया गया है. इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की एकल पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी.

अक्टूबर 2025 में तय हुए थे आरोप

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अक्टूबर 2025 में इस मामले में आरोप तय किए थे. स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध की ओर इशारा करती है. कोर्ट ने यह भी माना था कि जांच एजेंसी द्वारा पेश साक्ष्य ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त हैं और इस स्तर पर आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता.

परिवार के सदस्य भी हैं आरोपी

इस बहुचर्चित केस में लालू प्रसाद यादव के साथ उनके परिवार के सदस्य भी आरोपी हैं. उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे और राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल है. दोनों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं. ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ एक साथ आरोप तय करने का आदेश दिया था.

रेल मंत्री रहते कथित दुरुपयोग

अदालत के अनुसार, लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया. कोर्ट ने माना कि आईआरसीटीसी से जुड़े होटल टेंडरों की प्रक्रिया को प्रभावित किया गया था. न्यायालय ने यह भी कहा कि लालू यादव कथित साजिश से पूरी तरह अवगत थे और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

सीबीआई की जांच और आरोप

सीबीआई ने वर्ष 2017 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच आईआरसीटीसी के पटना और पुरी स्थित होटलों के टेंडर चुनिंदा निजी कंपनियों को दिए गए. इसके बदले रिश्वत के तौर पर जमीन ली गई. जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव समेत 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here