पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल और गर्म होता जा रहा है. इसी बीच एक नया गठबंधन सामने आया है, जिसने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है. AIMIM और JUP के साथ आने से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच से नए नेतृत्व को सामने लाना बताया जा रहा है.
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और हुमायूं कबीर की पार्टी JUP ने आधिकारिक तौर पर चुनावी गठबंधन का ऐलान कर दिया है. दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की. ओवैसी ने बताया कि सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सहमति बन चुकी है और वे मिलकर चुनाव लड़ेंगे. ओवैसी ने कहा कि यह सिर्फ चुनावी समझौता नहीं, बल्कि एक लंबी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भी यह गठबंधन जारी रह सकता है.
ममता बनर्जी पर ओवैसी का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने उनकी ‘मुस्लिम समर्थक’ छवि पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ प्रतीकात्मक कदमों से लोगों की वास्तविक समस्याएं हल नहीं होतीं. ओवैसी ने यह भी पूछा कि पिछले बड़े घटनाक्रमों के दौरान ममता की भूमिका क्या रही थी, और क्या उनकी राजनीति सिर्फ दिखावे तक सीमित है.
TMC ने भी शुरू की तैयारी
वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी ने 294 में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. बाकी तीन सीटों पर सहयोगी दल अपने प्रत्याशी उतारेंगे. इस सूची में महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के उम्मीदवारों को भी अच्छी हिस्सेदारी दी गई है.
भवानीपुर सीट पर नजरें
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी. इस सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि यहां उनका सामना बीजेपी के बड़े नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा.
यह सीट इस बार चुनाव का केंद्र बन सकती है.
कब होंगे चुनाव?
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा. पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी. इसके बाद 4 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.














