
सर्दियों की गुनगुनी धूप, घर में फैलती सोंधी खुशबू और थाली में परोसी गई गरमा-गरम, फूली हुई बथुए की कचौड़ियां यह नजारा स्वाद और सेहत दोनों का परफेक्ट संगम है. ठंड के मौसम में बथुआ न सिर्फ जायके को खास बनाता है, बल्कि अपनी गर्म तासीर के कारण शरीर को अंदर से मजबूत भी करता है.
जब बथुए को चुनिंदा मसालों के साथ गेहूं के आटे में गूंथकर खस्ता कचौड़ियों का रूप दिया जाता है, तो यह सर्दियों की सबसे पसंदीदा देसी डिश बन जाती है. इस विंटर सीजन अगर आप भी घर पर हलवाई स्टाइल बथुए की कचौड़ी बनाकर स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखना चाहते हैं, तो जानिए इसकी आसान और परखी हुई रेसिपी.
बथुए की कचौड़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
- 250 ग्राम बथुआ
- 2 कप गेहूं का आटा
- 2 बड़े चम्मच सूजी
- 2 बड़े चम्मच तेल या घी (मोयन के लिए)
- 1 बड़ा चम्मच अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट
- 1/4 चम्मच हींग
- 1/2 चम्मच अजवाइन
- लाल मिर्च पाउडर
- धनिया पाउडर
- नमक स्वादानुसार
बथुए का पेस्ट ऐसे करें तैयार
सबसे पहले बथुए की पत्तियों को अच्छी तरह साफ करके धो लें. अब एक पैन में थोड़ा पानी डालकर बथुए की पत्तियों को करीब 5 मिनट तक उबाल लें. पानी छानकर बथुए को ठंडा होने दें. ठंडा होने पर इसमें अदरक और हरी मिर्च डालकर बारीक पेस्ट तैयार कर लें.
आटा गूंथने की सही विधि
एक बड़ी परात में गेहूं का आटा, सूजी, नमक, अजवाइन, हींग और सभी सूखे मसाले डालें. अब इसमें 2 चम्मच तेल या घी डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें. तैयार बथुए का पेस्ट डालें और जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए सख्त आटा गूंथ लें. आटे को ढककर 15 मिनट के लिए रेस्ट करने दें.
खस्ता कचौड़ी बनाने का तरीका
रेस्ट किए हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. हथेली पर हल्का सा तेल लगाकर लोइयों को चिकना करें और पूरी से थोड़ा छोटा व हल्का मोटा बेल लें. अब कड़ाही में मीडियम आंच पर तेल गरम करें. तेल गरम होने पर एक-एक करके कचौड़ियां डालें और करछी से हल्के हाथ से दबाते हुए दोनों तरफ से सुनहरी और कुरकुरी होने तक तलें.
परोसने का देसी अंदाज
गरमा-गरम बथुए की कचौड़ियों को आलू की सब्जी, बूंदी के रायते या धनिया-पुदीना की चटनी के साथ परोसें. सर्दियों की सुबह या दोपहर के खाने में यह डिश पूरे परिवार का दिल जीत लेगी.












