सीजफायर पर भारत का पहला बयान, MEA ने शांति और व्यापार पर कही अहम बात

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नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों से जारी तनाव के बाद हुए युद्धविराम पर भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आ गई है. भारत ने इस संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है.

विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इस फैसले से क्षेत्र में स्थिरता आएगी और वैश्विक व्यापार पर पड़े असर में भी सुधार होगा. खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए निर्बाध आवाजाही को लेकर भारत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है.

MEA ने संघर्ष विराम का किया स्वागत

विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में कहा,”हम उस संघर्ष-विराम का स्वागत करते हैं, जिस पर सहमति बनी है. आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी. हमें उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आवागमन की निर्बाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा.”

बातचीत और कूटनीति पर जोर

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा,”उम्मीद है इस फैसले से पश्चिम एशिया में शांति स्थापित होगी. जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है कि लगातार जारी संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना जरूरी है. इसके लिए बातचीत और कूटनीति अत्यंत आवश्यक हैं.”

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत की चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व व्यापार प्रभावित हुआ.

“ईरान अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम से हमें उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) से होकर नौवहन की अबाधित स्वतंत्रता और वैश्विक वाणिज्य का प्रवाह जारी रहेगा.”

ट्रंप ने किया था सीजफायर का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा ट्रुथ सोशल के जरिए की थी, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत की उम्मीद बढ़ी है.

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी जारी

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास, तेहरान ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें सावधानी बरतने और देश छोड़ने की सलाह दी है.

एडवाइजरी की मुख्य बातें

  • ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह.
  • निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील.
  • दूतावास से संपर्क किए बिना किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर न बढ़ें.
  • किसी भी आपात स्थिति में दूतावास के मोबाइल नंबर या ईमेल के जरिए संपर्क करें.

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