मिडिल ईस्ट में भड़की आग! परमाणु संयंत्र के पास धमाका, हिजबुल्लाह की एंट्री

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मध्य पूर्व में तनाव अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. एक ओर ईरान में अमेरिकी पायलट के लापता होने के बाद सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर जवाबी हमलों ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के दायरे में खींच लिया है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा.

ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास एक बड़ा विस्फोट हुआ. सुबह के समय गिरे एक रॉकेट की चपेट में आने से वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि परमाणु संयंत्र की मुख्य इमारतों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा. ईरानी सरकारी मीडिया ने इस हमले के पीछे अमेरिका और इजरायल की भूमिका होने का आरोप लगाया है.

सिर्फ परमाणु संयंत्र ही नहीं, बल्कि ईरान के औद्योगिक ढांचे पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं. खुज़ेस्तान प्रांत में स्थित एक बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को भी हवाई हमले में नुकसान पहुंचा है. यह हमला इस बात का संकेत देता है कि अब युद्ध रणनीतिक और आर्थिक ठिकानों तक फैल चुका है.

हिजबुल्लाह की एंट्री से बढ़ा तनाव

ईरान पर हमलों के बाद लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह ने भी मोर्चा संभाल लिया है. उसने उत्तरी इजरायल के किरिअत शमोना शहर पर रॉकेट दागे. संगठन का दावा है कि यह हमला इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया. इसके अलावा, हिजबुल्लाह ने सीमा क्षेत्र में एक अस्थायी हेलिपैड को भी निशाना बनाया, जहां से घायल सैनिकों को हटाया जा रहा था.

इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान के कई इलाकों में हमले किए हैं. दक्षिण लेबनान के टायर शहर के बंदरगाह पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. सीमावर्ती गांवों में भी लगातार हमले जारी हैं, जिससे वहां के हालात और खराब हो गए हैं. राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्सों में भी बमबारी के निशान देखे जा सकते हैं. इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अब यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता जा रहा है. अलग-अलग देशों और संगठनों की भागीदारी से हालात और जटिल हो गए हैं.

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