शिक्षा मंत्री सहित पांच कैबिनेट मंत्री और 40 से अधिक विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में वर्कशॉप में शामिल हुए

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पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए आज दूसरी राज्यव्यापी पैरेंट्स वर्कशॉप का आयोजन किया, जिसमें पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों में 17.50 लाख से अधिक माता-पिता शामिल हुए. यह मेगा इवेंट पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत माता-पिता को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदार बनाने की मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पहल को शिक्षा प्रणाली में माता-पिता की भागीदारी के लिए नया मानक स्थापित करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के नेतृत्व में आयोजित यह वर्कशॉप छात्रों के समग्र विकास और तनाव-मुक्त शिक्षा के लिए माता-पिता-शिक्षक साझेदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुई है.

शिक्षा मंत्री ने की माता-पिताओं से सीधी बातचीत

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र के सरकारी हाई स्कूल, मानकपुर में वर्कशॉप में हिस्सा लिया और माता-पिताओं व छात्रों से रूबरू होकर बातचीत की. उन्होंने बताया कि वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य माता-पिताओं को तनाव-मुक्त परीक्षा तैयारियों की रणनीतियां सिखाना, बच्चों में सकारात्मक रवैये से आत्मविश्वास बढ़ाना और ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत नशों की रोकथाम, शीघ्र पता लगाना तथा सहायता पर जागरूकता फैलाना था.

कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों की भारी भागीदारी

कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, श्री लालचंद कटारूचक, श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और श्री हरदीप सिंह मुंडियां सहित 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वर्कशॉप में शिरकत की. इस व्यापक राजनीतिक भागीदारी ने राज्य सरकार की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और सामुदायिक सहयोग बढ़ाने की दृढ़ इच्छाशक्ति को रेखांकित किया.

पहली वर्कशॉप की सफलता पर आधारित दूसरा चरण

दिसंबर 2025 में आयोजित पहली राज्यव्यापी पैरेंट्स वर्कशॉप की जबरदस्त सफलता के बाद, आज का दूसरा आयोजन और भी प्रभावशाली रहा. श्री बैंस ने कहा कि इन वर्कशॉपों ने स्कूलों और माता-पिताओं के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित की है, जिसमें माता-पिताओं को बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर नजर रखने और होम लर्निंग में समर्थन देने के लिए प्रेरित किया गया.

प्रशासनिक तैयारी और प्रशिक्षण का कमाल

वर्कशॉप के सुचारू संचालन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 3,000 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया, जिनमें निदेशक और डी.ई.ओ. शामिल थे. इसके अलावा लगभग 40,000 शिक्षकों को पहले से विशेष प्रशिक्षण दिया गया था ताकि यह पहल वास्तविक रूप से सकारात्मक प्रभाव डाल सके.

सहयोगी माहौल से बनेगी शिक्षित पीढ़ी

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह वर्कशॉप बच्चों की शैक्षिक सफलता और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक एक सहयोगी घरेलू माहौल सृजित करने के हमारे मिशन का आधार है. प्रभावी शिक्षा पहल ने पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों में माता-पिताओं, शिक्षकों और अधिकारियों को एकजुट किया है.

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