दिल्ली में एआई समिट के दौरान घुसकर प्रदर्शन, पांच गिरफ्तार

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congress youth leader arrested

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए ‘शर्टलेस विरोध प्रदर्शन’ को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले सप्ताह भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में की गई है. इससे पहले इसी मामले में पांच अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिससे यह प्रकरण अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है.

पांचवीं गिरफ्तारी के बाद बढ़ी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एआई शिखर सम्मेलन में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में पांचवीं गिरफ्तारी की घोषणा की थी. गिरफ्तार किए गए पांचवें व्यक्ति की पहचान जितेंद्र यादव के रूप में हुई, जिन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा गया.

इसके एक दिन बाद आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी ने इस मामले को और तूल दे दिया.

भारत मंडपम में हुआ ‘शर्टलेस’ विरोध

घटना 20 फरवरी, शुक्रवार की है, जब भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट आयोजित किया जा रहा था. इसी दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंच गए और प्रदर्शनी हॉल में बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारी ऐसी टी-शर्ट पहने हुए थे, जिन पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार की आलोचना वाले नारे लिखे थे. सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया.

कांग्रेस युवा विंग पर उठे सवाल

दुनियाभर के गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी वाले इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में हुए विरोध को लेकर कांग्रेस के युवा विंग को आलोचना का सामना करना पड़ा. हालांकि, भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने रुख का बचाव करते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया.

शांतिपूर्ण प्रदर्शन भारत विरोधी नहीं – शेष नारायण ओझा

भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने सोमवार को कहा कि “सरकार का विरोध करना ‘भारत विरोधी’ नहीं है और यह हमारा अधिकार है”.

“हमारे कुछ नेताओं ने एआई शिखर सम्मेलन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया. केंद्र और भाजपा इसे ‘भारत विरोधी’ बताकर दुष्प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं. मेरी समझ से, शांतिपूर्ण प्रदर्शन ‘भारत विरोधी’ नहीं होता. क्या सरकार के खिलाफ किसी भी बात को ‘भारत विरोधी’ कहकर वे असल मुद्दों से बच सकते हैं? प्रदर्शनकारियों का संदेश साफ था कि प्रधानमंत्री समझौता कर चुके हैं,” ओझा ने कहा.

“युवा कांग्रेस ने कई राज्यों में इसके विरोध में प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ीं. राष्ट्रीय स्तर पर हमने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और हमारे नेताओं को हिरासत में लिया गया. वे सरकार के हर विरोध को कुचलना चाहते हैं. सरकार का विरोध करना ‘भारत-विरोधी’ नहीं है और यह हमारा अधिकार है. जब राहुल गांधी ने संसद में यह मुद्दा उठाया, तो उन्हें चुप करा दिया गया. आखिरकार, उन्होंने संसद में इस समझौते के बारे में बात की,” उन्होंने आगे कहा.

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