दिल्ली का जहरीला स्मॉग गर्भ में पल रहे बच्चे के दिमाग को कर रहा डैमेज, मां की एक सांस से बड़ा खतरा

0
54
Delhi's toxic smog is damaging the brains of unborn babies; a single breath taken by the mother poses a significant risk.
Delhi's toxic smog is damaging the brains of unborn babies; a single breath taken by the mother poses a significant risk.

बीते कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब कई इलाकों में घना फॉग भी देखने को मिल रहा है. प्रदूषण और फॉग का यह खतरनाक मिश्रण न सिर्फ आम लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह है, बल्कि गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्रदूषित हवा और स्मॉग का असर सीधे गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर पड़ सकता है. खासतौर पर बच्चे के दिमागी विकास को इससे नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. इसी को देखते हुए  प्रेगनेंट महिलाओं को प्रदूषण से बचाव को लेकर अलर्ट किया है.

रिसर्च में क्या सामने आया?

रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, प्रदूषण और स्मॉग दोनों ही गर्भ में पल रहे बच्चे को प्रभावित करते हैं. प्रदूषित हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कणों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड शामिल होते हैं. ये कण सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंचते हैं और फिर खून में घुलकर प्लेसेंटा तक पहुंच सकते हैं.

जो प्रेगनेंट  महिलाएं ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों में रहती हैं, उनमें इसका खतरा और बढ़ जाता है. रिसर्च बताती है कि ये प्रदूषित कण बच्चे के मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं.

नवजात की इम्युनिटी और सांस की बीमारियों का खतरा

स्मॉग और फॉग के कारण गर्भवती महिलाओं में नवजात की इम्युनिटी कमजोर होने का जोखिम भी बढ़ जाता है. इसके अलावा, बच्चे में आगे चलकर अस्थमा और अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी अधिक रहता है. जो महिलाएं अत्यधिक प्रदूषित इलाकों में रहती हैं, उनमें यह जोखिम और ज्यादा देखा गया है.

स्मॉग और फॉग दोनों हैं खतरनाक

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रदूषण के साथ-साथ सुबह के समय होने वाला फॉग भी उतना ही खतरनाक है. स्मॉग में मौजूद जहरीले कण सांस के साथ फेफड़ों में जाकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे मां और बच्चे दोनों की सेहत प्रभावित हो सकती है.

प्रेगनेंट महिलाएं कैसे करें बचाव?

  • बाहर निकलते समय मास्क पहनें
  • घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें
  • सुबह और शाम के समय बाहर जाने से बचें
  • डॉक्टर की सलाह से संतुलित और पोषक डाइट लें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here