नई दिल्ली: त्योहार से पहले लाखों मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते (Variable DA) में बढ़ोतरी कर दी है। इसका फायदा खेती, कंस्ट्रक्शन, मेंटेनेंस, सड़क और बिल्डिंग निर्माण से जुड़े कामों में लगे श्रमिकों को मिलेगा। बढ़ा हुआ भत्ता 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुका है। महंगाई भत्ता बढ़ने से अलग-अलग कैटेगरी के मजदूरों की रोज की न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ गई है। सरकार ने मजदूरी में बढ़ोतरी स्किल और काम की जगह यानी एरिया A, B और C के हिसाब से तय की है।
खेती से जुड़े मजदूरों को कितना मिलेगा?
एग्रीकल्चर सेक्टर में एरिया A के अकुशल मजदूरों को अब रोजाना कम से कम 537 रुपये मिलेंगे। इसमें 333 रुपये मूल वेतन और 204 रुपये महंगाई भत्ता शामिल है। इसी सेक्टर में अतिकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 705 रुपये रोजाना कर दी गई है। एरिया B में अकुशल खेत मजदूरों को 491 रुपये और एरिया C में 486 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। स्किल के हिसाब से यह रकम और ज्यादा होगी।
कंस्ट्रक्शन सेक्टर में बड़ी बढ़ोतरी
कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस सेक्टर में भी मजदूरी बढ़ाई गई है। इसमें सड़क, रनवे, बिल्डिंग, बिजली, अंडरग्राउंड केबल, पानी की पाइपलाइन और सीवर लाइन जैसे काम शामिल हैं। एरिया A में अकुशल निर्माण मजदूरों को अब 840 रुपये रोजाना मिलेंगे, जबकि अतिकुशल मजदूरों को 1,111 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। एरिया B में यही मजदूरी अकुशल के लिए 704 रुपये और अतिकुशल के लिए 1,024 रुपये होगी। एरिया C में अकुशल मजदूरों को 565 रुपये और अतिकुशल को 933 रुपये रोजाना मिलेंगे। सेमी-स्किल्ड और स्किल्ड मजदूरों की सैलरी भी इसी अनुपात में बढ़ाई गई है।
क्यों बढ़ा महंगाई भत्ता?
महंगाई भत्ता वह हिस्सा है जो बढ़ती महंगाई से मजदूरों को राहत देने के लिए दिया जाता है। सरकार इसे इंडस्ट्रियल वर्कर्स के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI-IW) के आधार पर तय करती है। इस बार इंडेक्स 424.80 से बढ़कर 431.42 हो गया है। 6.62 अंकों की इस बढ़ोतरी के बाद ही नया Variable DA लागू किया गया है। इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के लाखों मजदूरों को सीधे तौर पर फायदा होगा और त्योहारी सीजन में उनकी जेब पर महंगाई का बोझ कुछ कम होगा।












