मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब और गंभीर मोड़ ले चुका है. अब तक सीमित दायरे में चल रही यह जंग धीरे-धीरे एक बड़े संकट में बदलती नजर आ रही है. ताजा घटनाक्रम में यमन के हूती विद्रोहियों ने सीधे इजरायल को निशाना बनाकर मिसाइल दागी है, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं. इस कदम ने न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिति को अस्थिर किया है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी खतरे के संकेत दे दिए हैं.
हूती विद्रोही पहले इस संघर्ष से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन अब उन्होंने खुलकर हिस्सा लेना शुरू कर दिया है. यमन की राजधानी सना और देश के बड़े हिस्से पर उनका नियंत्रण है. इससे पहले भी वे इजरायल के खिलाफ हमले कर चुके हैं, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर मानी जा रही है क्योंकि अब उनका दखल सीधे इस बड़े संघर्ष में हो गया है.
समुद्री रास्तों पर खतरा क्यों बढ़ा?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है. यमन की भौगोलिक स्थिति बहुत अहम है, क्योंकि वह लाल सागर और अदन की खाड़ी के किनारे स्थित है. इन दोनों को जोड़ने वाला बाब अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. इस रास्ते से दुनिया का करीब 12% व्यापार गुजरता है. अगर हूती इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही को रोकते हैं या हमला करते हैं, तो इसका असर वैश्विक सप्लाई पर तुरंत पड़ेगा.
स्थिति और ज्यादा गंभीर इसलिए हो जाती है क्योंकि पहले से ही हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बना हुआ है. यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है. अगर बाब-अल-मंदेब और होर्मुज दोनों प्रभावित होते हैं, तो दुनिया की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लग सकता है. इससे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और ऊर्जा संकट गहरा सकता है.
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर इन समुद्री रास्तों में रुकावट आती है, तो जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ेगा, जैसे अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से होकर गुजरना. इससे डिलीवरी में समय बढ़ेगा और खर्च भी ज्यादा होगा. इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो वैश्विक आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो सकती है. खासकर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर, जो समय पर सप्लाई पर निर्भर रहते हैं, उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है.















