बीएमसी रुझानों में भाजपा की बढ़त, उद्धव गुट के नेता ने अपने ही गठबंधन पर उठाए सवाल

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Anand Dubey
Anand Dubey

मुंबई: महाराष्ट्र में बीएमसी और 28 अन्य नगर निकायों के चुनाव के नतीजे आज सामने आ रहे हैं. शुरुआती रुझानों में बीएमसी में भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन 32 सीटों पर आगे चल रहा है. इसके अलावा पुणे, नागपुर और नासिक जैसे प्रमुख इलाकों में भी भाजपा की स्थिति मजबूत दिख रही है.

इससे महाराष्ट्र में INDIA अलायंस (महाअघाड़ी) पर असर पड़ रहा है. शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता आनंद दुबे ने इस स्थिति को लेकर अपने ही गठबंधन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि रुझान दिखाते हैं कि “हमें अपने आप में सुधार करना होगा.”

आनंद दुबे का गठबंधन पर निशाना

दुबे ने कहा कि भाजपा से मुकाबला करने के लिए हमें भाजपा जैसा मेहनती बनना होगा. उन्होंने कहा कि अगर आपको रात 2 बजे तक जागने और सुबह 4 बजे उठने की आदत नहीं है, तो राजनीति छोड़कर कुछ और करना चाहिए. उन्होंने महाराष्ट्र में इंडिया अलायंस पर भी कटाक्ष किया और कहा, “मुझे तो दूरबीन से भी देखने पर यह गठबंधन कहीं नजर नहीं आ रहा है.”

हालांकि उन्होंने अपनी पार्टी उद्धव सेना की तारीफ भी की और कहा कि भाजपा केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सत्ता में है. इसके बावजूद यदि हम उनसे मुकाबला कर रहे हैं, तो हमारी सराहना भी की जानी चाहिए.

प्रमुख नगरों में भाजपा की बढ़त

रुझानों के अनुसार संभाजीनगर, नागपुर, पुणे, नासिक और बीएमसी में महायुति गठबंधन मजबूत स्थिति में है. पुणे में भाजपा 52 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि शरद पवार और अजित पवार के दलों की एकता के बावजूद महाअघाड़ी केवल 18 सीटों पर आगे है.

इस स्थिति से स्पष्ट है कि भाजपा को पवार परिवार की एकता से भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ. कई एग्जिट पोल्स ने भी पहले ही भविष्यवाणी की थी कि बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा होगी और सत्ता महायुति के हाथों में जाने की संभावना है. लंबे समय बाद ठाकरे परिवार बीएमसी से बाहर होने की ओर बढ़ रहा है.

ठाणे में उलटफेर, शिंदे को झटका

हालांकि, ठाणे में भाजपा के लिए उलटफेर की स्थिति बन रही है. यहां उद्धव सेना 26 सीटों पर आगे है, जबकि महायुति गठबंधन केवल 15 सीटों पर आगे चल रहा है. यह एकनाथ शिंदे के गढ़ में झटका माना जा रहा है. यदि यह स्थिति कायम रहती है, तो शिंदे की सत्ता राज्य सरकार में कमजोर हो सकती है. भाजपा के लिए यह एक विन-विन स्थिति है. बीएमसी में ठाकरे परिवार बाहर होने के साथ-साथ ठाणे में शिंदे को झटका भी लग रहा है. इससे भाजपा विपक्ष को मात देगी और गठबंधन में अपनी स्थिति और मजबूत करेगी.

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