बेंगलुरु: बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव से जुड़ा सोना तस्करी मामला लगातार नए खुलासे कर रहा है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्करी के इस बड़े नेटवर्क में उतरने से पहले रान्या और उनके सहयोगियों को अफ्रीका में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था.
चार्जशीट में सामने आया है कि नुकसान की भरपाई के लिए ही इस गिरोह ने अवैध रास्ता अपनाया और संगठित तरीके से सोने की तस्करी शुरू की. मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच इस नेटवर्क ने बड़े पैमाने पर सोना भारत में पहुंचाया.
अफ्रीका में ठगी के बाद बदला रास्ता
जांच के अनुसार, रान्या राव और उनके सहयोगी तरुण कोंडुरु राजू ने शुरुआत में युगांडा और केन्या से सीधे सोना खरीदने की कोशिश की. इसके लिए उन्होंने दुबई में ‘वीरा डायमंड्स ट्रेडिंग LLC’ नाम की कंपनी भी बनाई.
युगांडा में एक एजेंट के साथ 5 किलो सोने का सौदा हुआ, लेकिन खेप छुड़ाने के नाम पर उनसे करीब 2 करोड़ रुपये ठग लिए गए. इसके बाद केन्या में भी इसी तरह का नुकसान हुआ, जिससे उन्होंने अफ्रीका से सीधा व्यापार बंद कर दिया.
दुबई से शुरू हुआ तस्करी नेटवर्क
अफ्रीका में बार-बार ठगी के बाद इस गिरोह ने दुबई के देइरा गोल्ड सूक से सोना खरीदना शुरू किया. यहां से नकद में सोना लेकर उसे अवैध तरीके से भारत भेजा जाता था.
जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें विदेश से सोना खरीदना, भारत में तस्करी करना और फिर हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन शामिल था.
127 किलो से ज्यादा सोना तस्करी
डीआरआई की चार्जशीट के मुताबिक, मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच इस नेटवर्क ने 127.28 किलोग्राम सोना भारत में पहुंचाया, जिसकी कीमत करीब 102.55 करोड़ रुपये बताई गई है.
रान्या राव को मार्च 2025 में दुबई से लौटते समय 14 किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसे उन्होंने अपने शरीर में छिपा रखा था.
व्हाट्सएप चैट से खुल रहे राज
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में व्हाट्सएप चैट बरामद किए हैं, जो पैसों के लेनदेन के अहम सबूत माने जा रहे हैं. हालांकि, अफ्रीका में हुई ठगी को लेकर अभी पर्याप्त भौतिक साक्ष्य नहीं मिले हैं.
जांच एजेंसियों ने अब तक करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है और मामले की जांच जारी है.















