मेरठः उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया. कपसाद गांव में एक दलित महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि उसकी 20 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया गया. इस घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
खेत जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, मृतक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी. रास्ते में नहर के पास 22 वर्षीय युवक पारस ने उन्हें रोक लिया. बताया जा रहा है कि पारस एक स्थानीय डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता था. उसने महिलाओं के साथ अभद्रता शुरू कर दी. जब मां ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने गन्ने की दरांती से उन पर जानलेवा हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल महिला को छोड़कर वह उनकी बेटी को जबरन अपने साथ ले गया.
अस्पताल में तोड़ा दम
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि, इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया. इस घटना से गांव में आक्रोश फैल गया और लोगों में गहरा रोष देखने को मिला.
प्रदर्शन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
महिला की मौत की खबर फैलते ही विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और भीम आर्मी के सदस्य मौके पर पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. कई घंटों तक प्रशासन से बातचीत चली. भाजपा नेता संगीत सोम और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद शुक्रवार को परिवार ने अंतिम संस्कार किया. परिजनों ने आरोपी द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माण पर कार्रवाई और अपहृत बेटी की सुरक्षित वापसी की मांग की.
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने घटना को “दुखद, शर्मनाक और अत्यंत चिंताजनक” बताया. उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कमिसरी पार्क में प्रदर्शन किया. पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी और अपहृत युवती की तलाश के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में 10 विशेष टीमें बनाई हैं. जिला मजिस्ट्रेट डॉ. वीके सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है. इसके अलावा, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवार को हथियार लाइसेंस देने पर भी विचार किया जा रहा है. प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी की सुरक्षित बरामदगी का भरोसा दिलाया है.














