नई दिल्ली: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी. ज्योतिष के अनुसार, इस वर्ष जन्माष्टमी पर ग्रहों की स्थिति बेहद खास रहने वाली है. माना जा रहा है कि कई प्रमुख ग्रह अपनी उच्च या स्वराशि में रहेंगे, जिसका सकारात्मक असर कुछ राशियों पर विशेष रूप से पड़ सकता है.
जन्माष्टमी पर बनेंगे कई शुभ योग
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस दौरान चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च स्थिति में रहेंगे, जबकि देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में उच्च के माने जाएंगे. वहीं सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में स्थित रहेंगे. शुक्र भी तुला राशि में अपनी स्वराशि यानी अपनी राशि में रहेंगे.
इन ग्रह स्थितियों के अलावा मंगल और शुक्र के बीच नवपंचम योग बनने की बात कही जा रही है. ज्योतिष में ऐसे ग्रह संयोगों को शुभ माना जाता है. इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय खास बताया जा रहा है.
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय मान-सम्मान और करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है. अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आर्थिक लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं. निवेश को लेकर भी सकारात्मक परिस्थितियां बन सकती हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए गुरु और चंद्रमा की स्थिति शुभ मानी जा रही है. नौकरी में तरक्की या नए अवसर मिल सकते हैं. कारोबार करने वालों को लाभ के साथ परिवार में शुभ कार्य होने के योग बन सकते हैं.
सिंह राशि
सिंह राशि में सूर्य की मौजूदगी आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर सकती है. कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है. संपत्ति और आर्थिक मामलों में भी लाभ के संकेत बताए जा रहे हैं.
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए शुक्र का अपनी राशि में होना लाभकारी माना जा रहा है. व्यापार में नई डील मिल सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. कला, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय विशेष रूप से अच्छा रह सकता है.
जन्माष्टमी पर करें ये उपाय
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, पंजीरी और तुलसी दल अर्पित करें. साथ ही ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे सकारात्मक ऊर्जा और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है.












