Amazon-Swiggy Instamart-BigBasket को झटका, कर्नाटक में फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल सस्पेंड

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Food Licence Suspension
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नई दिल्ली: आजकल घर बैठे चंद मिनटों में राशन और सब्जियां मंगाना हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या हो, अगर इन भरोसेमंद और तेज-तर्रार क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सेहत के लिए जानलेवा चीजें धड़ल्ले से बिकने लगें? ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला कर्नाटक से सामने आया है। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम जनमानस की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने देश की नामी ई-कॉमर्स कंपनियों- अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह सख्त कदम इन दिग्गज प्लेटफॉर्म्स द्वारा विषैले फल ‘धतूरा’ और उसके बीजों को एक खाद्य पदार्थ के रूप में बेचे जाने के खुलासे के बाद उठाया गया है।

जनता की सेहत सर्वोपरि

खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन सभी दलीलों और सफाई को सिरे से खारिज कर दिया। विभाग का स्पष्ट मानना है कि धतूरे के फल और बीज स्वभाव से ही बेहद जहरीले होते हैं। इसे किसी भी रूप में खाद्य सामग्री की तरह बेचना सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा और जानलेवा जोखिम पैदा करता है। ऐसे में कंपनियों के जवाबों को असंतोषजनक करार देते हुए उनके फूड लाइसेंस अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।

गोदामों की जांच में सामने आई बड़ी और जानलेवा लापरवाही

यह पूरी कार्रवाई महज किसी शिकायत के आधार पर आनन-फानन में नहीं की गई है, बल्कि इसके पीछे विभाग की एक विस्तृत और जमीनी पड़ताल शामिल है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब इन कंपनियों के गोदामों और ऑनलाइन ई-कॉमर्स लिस्टिंग का बारीकी से निरीक्षण किया, तो वे भी दंग रह गए। जांच के दौरान धतूरा के फल और बीजों के ऐसे पैकेट भारी मात्रा में बरामद हुए, जिन पर बकायदा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस नंबर अंकित थे। 
धतूरा, जो अपने अत्यधिक विषैले गुणों के लिए जाना जाता है, उसे बाकायदा इंसानी उपभोग की वस्तु बनाकर स्टोर किया जा रहा था और खुलेआम बेचा जा रहा था। इस भारी चूक को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 और नियम 2011 का सीधा उल्लंघन मानते हुए विभाग ने तुरंत नकेल कसने का फैसला लिया।

नोटिस पर ई-कॉमर्स कंपनियों का टालमटोल

इस भयंकर लापरवाही को लेकर बीते 24 अगस्त को एक अहम सुनवाई आयोजित की गई थी, जिसमें इन सभी संबंधित प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधियों को तलब किया गया। हालांकि, कंपनियों की ओर से जो जवाब पेश किए गए, वे उनके गैर-जिम्मेदाराना रवैये को ही उजागर करते हैं। एक तरफ जहां दिग्गज कंपनी अमेजन ने विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब देना तक मुनासिब नहीं समझा, वहीं स्विगी इंस्टामार्ट ने अपनी कार्रवाई का विवरण सौंपने के लिए और अधिक समय की मोहलत मांग ली। बिगबास्केट ने बचाव करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने मानव सेवन के लिए धतूरे की बिक्री पर रोक लगा दी है। कंपनी ने दावा किया कि अब इसे बेचने का तरीका बदल दिया गया है और प्रोडक्ट की लेबलिंग में स्पष्ट रूप से ‘इंसानों के खाने के लिए नहीं’ लिखा जाएगा।

विभाग का कड़ा रुख जारी 

इन प्लेटफॉर्म्स को कड़ी हिदायत दी गई है कि वे तत्काल प्रभाव से धतूरा से जुड़ी अपनी सारी लिस्टिंग और विज्ञापन इंटरनेट से हटाएं। विभाग ने केवल कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि इन जहरीले उत्पादों की सप्लाई करने वाले सप्लायर्स पर भी कानूनी शिकंजा कसने का आदेश दिया है। अब इस आदेश की अनुपालन रिपोर्ट मिलने के बाद ही संबंधित कंपनियों को अपना पक्ष रखने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा, जिसके बाद एक अलग आदेश पारित होगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों की फिर से अनदेखी हुई, तो इन कंपनियों को और भी कड़े कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

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