नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कानून-व्यवस्था, सरकारी अधिकारी की हत्या और बांकीपुर उपचुनाव जैसे मुद्दों को उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार को कठघरे में खड़ा किया. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध रोकने में नाकाम रही है और कई मामलों में निष्पक्ष जांच भी नहीं हो रही.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने मांग की कि इस मामले में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक सोनू सिंह के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए. उनका आरोप था कि पुलिस और सरकार मिलकर विधायक को बचाने का प्रयास कर रही हैं. तेजस्वी ने कहा कि राज्य में पिछले 100 दिनों के भीतर दूसरे सरकारी अधिकारी की हत्या हुई है, जो कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को दिखाती है.
जांच प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिना फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किए ही आईजी ने चालक को आरोपी बता दिया. उन्होंने दावा किया कि मृतक के परिवार ने विधायक सोनू सिंह समेत अन्य लोगों की भूमिका की आशंका जताई है, लेकिन पुलिस उस दिशा में जांच नहीं कर रही. उन्होंने यह भी कहा कि परिवार ने विधायक पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. ऐसे में पुलिस को हर पहलू से जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
एक से अधिक लोगों की भूमिका होने का दावा
तेजस्वी यादव ने कहा कि मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशान यह संकेत देते हैं कि घटना में एक से ज्यादा लोगों की भूमिका हो सकती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चालक ने अपने बयान कई बार बदले, लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक बयान के आधार पर पूरी कहानी तय कर दी. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि काम के दबाव को हत्या का कारण माना जाए, तो यह बेहद खतरनाक तर्क होगा. क्योंकि कार्य ज्यादा हो तो वह ड्राइवर मुख्यमंत्री की भी हत्या कर सकता है. साथ ही उन्होंने आईजी और विधायक सोनू सिंह के संबंधों पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने का समय है, लेकिन मृतक अधिकारी के परिवार से मिलने का समय नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में मनचाही पोस्टिंग के लिए भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है. इसके अलावा भरत तिवारी एनकाउंटर और बंटी यादव से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर भी बोले
बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करती है. हालांकि उन्होंने दावा किया कि यह नतीजा सरकार और भाजपा के प्रति जनता की नाराजगी को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा को कम समय में दो चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है. उनके अनुसार, सरकार विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त रही, जबकि जनता के मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं किया गया.











