नई दिल्ली: भारतीय लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने शनिवार को वह कर दिखाया, जो आज तक किसी भारतीय एथलीट ने नहीं किया था। मौजूदा एशियाई चैंपियन गुलवीर ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों की इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। सबसे खास बात यह रही कि इससे पहले वे 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक पहले ही अपने नाम कर चुके थे, यानी एक ही एडिशन में उन्होंने दोहरी उपलब्धि हासिल कर ली। इसी के साथ गुलवीर एक ही राष्ट्रमंडल खेल संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट भी बन गए, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक बड़ा मुकाम माना जा रहा है।
पैरा एथलेटिक्स
पैरा एथलेटिक्स में भी भारत को खुशखबरी मिली, जहां सोमन राणा ने पुरुषों की एफ57 शॉट पुट स्पर्धा में 13.40 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि साथी खिलाड़ी शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के प्रयास से रजत पदक हासिल किया। हालांकि बाकी स्पर्धाओं में नतीजे मिले-जुले रहे. महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी सातवें स्थान पर रहीं, जबकि पोल वॉल्ट में देव कुमार मीणा 5.30 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। कुल मिलाकर बिना किसी स्वर्ण के भी भारत ने पांच रजत और पांच कांस्य समेत कुल दस पदकों के साथ एथलेटिक्स में अपना दूसरा सबसे बेहतरीन राष्ट्रमंडल खेल अभियान पूरा किया, जो 2010 के नई दिल्ली खेलों के बारह पदकों के बाद अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
फाइनल में कैसा रहा प्रदर्शन
एथलेटिक्स स्पर्धाओं के आखिरी दिन हुए 5000 मीटर फाइनल में गुलवीर ने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। स्वर्ण पदक केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग के हिस्से आया, जिन्होंने 13:23.61 का समय निकाला, जबकि 10,000 मीटर के मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के काय रॉबिन्सन ने 13:24.70 के साथ रजत पदक जीता। 28 वर्षीय गुलवीर, जो 5000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं, पूरी दौड़ के दौरान अगुआ धावकों के समूह के साथ बने रहे और अंतिम लैप में जबरदस्त फिनिश देकर पदक पक्का किया।
बेहद करीबी मुकाबले में मिला कांस्य
प्रतियोगिता के समापन दिवस पर आयोजित 5000 मीटर के फाइनल मुकाबले में गुलवीर सिंह ने शुरुआत से ही धैर्य और सटीक रणनीति का परिचय दिया। वह पूरी रेस के दौरान अग्रणी धावकों के समूह में बने रहे और अंतिम लैप में अपनी गति को तेजी से बढ़ाते हुए 13 मिनट 24.95 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसंग ने 13:23.61 के समय के साथ जीता, जबकि 10,000 मीटर के स्वर्ण पदक विजेता ऑस्ट्रेलिया के काइ रोबिन्सन ने 13:24.70 का समय निकालकर रजत पदक हासिल किया।
इसी दिन ट्रिपल जंप में भी भारत का दबदबा दिखा, जहां प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता, जबकि उनके साथी सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने 16.52 मीटर के प्रयास से कांस्य पदक हासिल किया यह उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक रहा। स्वर्ण पदक जमैका के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ जीता।











