फेडरल रिजर्व के ऐलान का असर: Comex और MCX पर सोना-चांदी के दाम बदले, देखें आज के नए रेट

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FOMC meeting, Interest rates
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नई दिल्ली: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मीटिंग के बाद गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिली. भारत के घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक दामों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. निवेशकों की नजर अब फेड के अगले कदम पर बनी हुई है, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मजबूत, चांदी कमजोर

इंटरनेशनल मार्केट कॉमेक्स (Comex) पर गुरुवार सुबह सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई. सुबह करीब 9 बजे तक सोना 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,062.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया. दूसरी ओर, चांदी में हल्की कमजोरी रही और इसकी कीमत 0.24 प्रतिशत गिरकर 57.950 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. 

MCX पर सोने और चांदी के भाव

वहीं घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई. खबर लिखे जाने तक सोना 50 रुपये कमजोर होकर 1,43,267 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी के भाव में भी गिरावट देखने को मिली. सुबह करीब 9 बजे तक इसकी कीमत 1,069 रुपये घटकर 2,16,410 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. पिछले कुछ दिनों से दोनों कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है.

फेडरल रिजर्व ने क्या फैसला लिया?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने लगातार पांचवीं बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया. केंद्रीय बैंक ने फेडरल फंड रेट को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में ही बनाए रखा. हालांकि, बैठक के दौरान महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता भी सामने आई. यही वजह रही कि समिति के तीन सदस्यों ने ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया. इससे यह संकेत मिलता है कि फेड के भीतर महंगाई को लेकर अलग-अलग राय अभी भी बनी हुई है.

आगे बाजार पर क्या रहेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों को स्थिर रखने के बावजूद फेड की सख्त नीति का असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे सकता है. यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई में बदलाव आता है, तो कीमती धातुओं के दाम में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसलिए निवेशकों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों पर लगातार नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा.

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